प्याज की कालाबाजारी पर इंदौर प्रशासन की छापामारी, करीब 25 करोड़ के प्याज पकडे

Aug 28 2015 02:55 AM
प्याज की कालाबाजारी पर इंदौर प्रशासन की छापामारी, करीब 25 करोड़ के प्याज पकडे

इंदौर। प्याज के बढ़ते दामों के बाद उसकी कालाबाजारी भी बढ़ने लगी है। भावों में तेजी देख किसानों ने प्याज मार्केट में बेचने के बजाए कोल्ड स्टोरेज में जमा कर ली। गुरुवार को प्रशासन ने 12 कोल्ड स्टोरेज पर एक साथ छापेमार कार्रवाई की और तीन कोल्ड स्टोरेज से पौने चार लाख किलो प्याज ढूंढ निकाली। इसकी कीमत वर्तमान भाव के हिसाब से करीब 25 करोड़ रुपए आंकी जा रही है। अफसरों ने कोल्ड स्टोरेज संचालकों से पूछा कि कितने किसानों का प्याज कोल्ड स्टोरेज में जमा है? कितना बाजार में बिकने के लिए जा रहा है? प्रतिदिन कितना प्याज बिकने के लिए जाएगा, इसका ब्यौरा भी दें।

प्याज की जमाखोरी पर लगाम लगाने कसने के लिए कलेक्टर पी.नरहरि ने गुरुवार को 5 दल बनाए और वे दोपहर 2 बजे अलग-अलग दिशाओं में पहुंचे। 3 दलों को कोल्ड स्टोरेज में प्याज के बजाए आलू, गाजर व अन्य सब्जियां मिली, जबकि 3 कोल्ड स्टोरेज में साढ़े 9 हजार बोरी प्याज मिला। प्रति बोरी 40 किलो प्याज होता है। 65 रुपए किलों के हिसाब से बोरियों में मिले पौने चार लाख किलो प्याज की कीमत 25 करोड़ रुपए है। SDM डीके नागेन्द्र धार रोड स्थित उमिया कोल्ड स्टोरेट पहुंचे, जो कि जुगल किशोर पाटीदार का है। यहां प्याज की पांच हजार बोरियां देख अफसर चौंक गए, क्योंकि सारा प्याज कोल्ड स्टोरेज मालिक ने खुद का बताया।

एसडीम सपना शिवाले केट रोड स्थित संजना कोल्ड स्टोरेज पहुंची। यहां साढ़े तीन हजार बोरी प्याज मिला। कोल्ड स्टोरेज संचालक ने कहा कि प्याज किसानों का है उनके पास प्याज सुखाने की जगह नहीं रहती, इसलिए यहां रखा है। इस बीच किसान भी आ गए। शिवाले ने किसानों से कहा कि प्याज मार्केट में बेचो। संचालक से कहा कि जितना भी प्याज रोज बिकने जाएगा, उसका रिकार्ड रजिस्ट्रर में रखो और उसकी जानकारी हमें भी दो।