लॉकडाउन में सर्विस सेक्टर को पहुंचा भारी नुकसान, गिरावट का आंकड़ा उम्मीद से बुरा

अप्रैल महीने में भारत की सर्विस सेक्टर की गतिविधियों में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई है. देश की सर्विसेज पीएमआई (Services PMI) अप्रैल महीने में 5.4 के स्तर पर आ गई है. जबकि मार्च महीने में देश की सर्विस पीएमआई 49.3 पर थी. वहीं, अप्रैल महीने में भारत की कंपोजिट पीएमआई 7.2 पर आ गई है. यह मार्च महीने में 50.6 पर थी. पीएमआई में 50 से ऊपर का आंकड़ा ग्रोथ और 50 से नीचे का आंकड़ा मंदी को दिखाता है. पीएमआई का इस तरह से गिरना अर्थव्यवस्था पर बड़े संकट को दर्शाता है.

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आपकी जानकारी के लिए बता दे कि सर्विस सेक्टर की गतिविधियों में यह गिरावट कोरोना वायरस के प्रकोप और लॉकडाउन के चलते देखने को मिली है. गौरतलब है कि देश में 25 मार्च से ही संपूर्ण लॉकडाउन लागू है. इस कारण पूरे अप्रैल महीने देश में लॉकडाउन रहा है. इस लॉकडाउन में आवश्यक सामानों और आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सभी औद्योगिक और व्यापारिक सेवाएं बंद थी. सरकार ने सोमवार से तीसरे चरण का लॉकडाउन लागू किया है, जो 17 मई तक रहेगा. हालांकि इस दौरान रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन के हिसाब से लॉकडाउन में कुछ छूट भी दी गई है.

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वायरस के प्रकोप और लॉकडाउन के कारण भारत के सर्विस सेक्टर ने अप्रैल महीने में व्यापारिक गतिविधियों में मासिक आधार पर 14 सालों की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की है. हालांकि, फरवरी महीने में भारत की सर्विस पीएमआई में  तेजी दर्ज की गई थी. भारत में फरवरी महीने की सर्विस पीएमआई 57.5 के स्तर पर रही थी. वहीं कंपोजिट पीएमआई 57.6 के स्तर पर आ गई थी. फरवरी महीने में देश की सर्विस पीएमआई जनवरी 2013 के बाद के उच्चतम स्तर पर आ गई थी.

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