भारत के डॉक्टर ने किया कमाल, रोगी के फेफड़ों को किया ट्रांसप्लांट

भारत के डॉक्टर ने किया कमाल, रोगी के फेफड़ों को किया ट्रांसप्लांट

वाशिंगटन: दुनियाभर में लोगों का काल बनता जा रहा कोरोना वायरस धीरे- धीरे और भी तेज होता जा रहा है. हर दिन इस वायरस से कोई न कोई मासूम अपनी जान खो रहा है. इतना ही नहीं इस वायरस ने अब तो लोगों का जीना और मरना एक कर दिया है, यहां एक और किसी के जन्म कि खबर आती है, तो वही दूसरी और कोई अपनी जान से हाथ धो देता है. लेकिन अब भी इस वायरस से छुटकारा पाने का कोई भी तरीका सामने नहीं आया है. 

‘अज्ञात निमोनिया’ हो सकता है कोविड-19 :डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि कजाकिस्तान में ‘अज्ञात निमोनिया’ संभवत:कोरोना वायरस हो सकता है. संगठन के स्वास्थ्य इमरजेंसी कार्यक्रम के प्रमुख माइकल रयान ने बताया कि मध्य एशिया में निमोनिया का कहर हमारे संज्ञान में था और हम स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ मिलकर कार्य कर रहे हैं.उन्होंने बताया कि पिछले सात दिनों में 10,000 से अधिक मामलों के साथ देश में संक्रमण बड़ी तेजी से बढ़ा है. हालांकि अन्य संभावनाओं पर भी विचार हो रहा है. बता दें कि चीनी दूतावास ने मध्य एशियाई देशों में रहने वाले अपने नागरिकों को चेतावनी दी थी कि यहां कोरोना जैसा अज्ञात निमोनिया फैला हुआ है.

भारतवंशी डॉक्टर ने किया कोरोना रोगी का फेफड़ा प्रत्यारोपण: अमेरिका में भारतीय मूल के एक डॉक्टर अंकित भरत के नेतृत्व में सर्जनों ने कोरोना वायरस के कारण से खराब हो चुके फेफड़ों का सफल ट्रांसप्लांट किया था. जिसके पहले भी इसी टीम ने एक महिला में फेफड़ों का ट्रांसप्लांट किया था. वहीं इस बात का पता चला है कि COVID-19 से महामारी शुरू होने के बाद से अमेरिका में यह इस तरह की पहली सर्जरी बताई जा रही है. इलिनोइस के एक 60 वर्षीय कोरोना रोगी को एक्सट्रॉस्पोरियल झिल्ली ऑक्सीकरण (ईसीएमओ) पर 100 दिन के लिए रखा गया. यह एक ऐसी लाइफ सपोर्ट मशीन है, जो दिल और फेफड़ों का कार्य करती है.

BMW इंडिया के नए अवतार के लिए ग्राहकों को करना होगा इंतजार

केन्द्रीय मंत्री जावड़ेकर बोले- हमने चार साल पहले पूरा कर लिया बाघों की संख्या दोगुना करने का लक्ष्य

16 हफ्ते पहले इस महिला को दी गई थी कोरोना की वैक्सीन, अब सामने आए ये परिणाम