कभी डिस्लेक्सिया से थी पीड़ित, बनी लंदन के कोर्ट में जज

नई दिल्ली. भारतीय मूल की अनुजा रविंद्र धीर लंदन के ओल्ड बैले कोर्ट की पहली अश्वेत जज बनी है. बचपन में वह डिस्लेक्सिया से पीड़ित थी. डिस्लेक्सिया में लोगो को पढ़ने-लिखने में समस्या आती है. एक न्यूज एजेंसी के अनुसार, अनुजा का जन्म स्कॉटलैंड में हुआ है. उन्होंने डुंडी यूनिवर्सिटी से स्कॉटिश लॉ की पढ़ाई की थी.

बाद में लंदन में ग्रे इन स्कॉलरशिप भी जीती. वह बताती है कि जब वह हाई स्कुल में थी तब उनकी एक टीचर को हेयरड्रेसिंग को करियर बनाने की सलाह दी थी. मैं डिस्लेक्सिया से पीड़ित थी, इसलिए मुझे पढ़ने-लिखने में समस्या पेश आती थी. जब में 1970 के दौरान स्कॉटलैंड में एक स्कूल में पढ़ रही थी, उस समय वहां लड़कियों को करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित नहीं किया जाता है.

जब मैंने पहली बार एक टीचर से यूनिवर्सिटी जाने की ख्वाहिश बताई तो उन्हें जवाब मिला कि तुम्हें अपना लक्ष्य छोटा रखना चाहिए. वह बताती है जब वह वकील के तौर पर कार्यरत थी तब लोग उन्हें या तो गवाह समझते थे या मुलजिम.

 

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