आईआरएनएसएस अब वर्ल्ड वाइड रेडियो नेविगेशन सिस्टम का है एक भाग

Nov 21 2020 04:57 PM
आईआरएनएसएस अब वर्ल्ड वाइड रेडियो नेविगेशन सिस्टम का है एक भाग

अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) ने हिंद महासागर क्षेत्र में परिचालन के लिए भारतीय क्षेत्रीय नौवहन उपग्रह प्रणाली (आईआरएनएसएस) को वर्ल्ड वाइड रेडियो नेविगेशन सिस्टम (डब्ल्यूडब्ल्यूआरएन) के घटक के रूप में स्वीकार कर लिया है। यह अनुमोदन मर्चेंट जहाजों को जीपीएस और ग्लोनास के समान स्थिति जानकारी प्राप्त करने के लिए आईआरएनएसएस का उपयोग करने में सक्षम बनाता है ताकि 50 डिग्री एन अक्षांश, 55 डिग्री ई देशांतर, 5 डिग्री एस अक्षांश और 110 डिग्री ई देशांतर, भारतीय सीमा से लगभग 1500 किमी तक कवर क्षेत्र के भीतर महासागर के पानी में जहाजों के नेविगेशन में सहायता की जा सके।

आईएमओ की समुद्री सुरक्षा समिति (एमएससी) ने 4 से 11 नवंबर, 2020 तक आयोजित अपने हालिया 102 वें सत्र की बैठक में आईआरएनएसएस को विश्व व्यापी रेडियो नेविगेशन प्रणाली के घटक के रूप में मान्यता देने को मंजूरी दे दी है। यह बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय (एमओपीडब्ल्यू), जहाजरानी महानिदेशालय (डीजीएस) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की "आत्मनिर्भर भारत" की ओर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

जहाजरानी महानिदेशालय (डीजीएस) द्वारा अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन को प्रस्तुत इसरो द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट में प्रणाली की सटीकता के संबंध में व्यापारिक जहाजों पर किए गए परीक्षणों का ब्यौरा शामिल किया गया है। आईएमएस की उप-नौवहन, संचार और खोज और बचाव समिति [एनसीएसआर] की रिपोर्ट का विस्तृत विश्लेषण आईएमओ की समुद्री सुरक्षा समिति (एमएससी) को आईआरएनएसएस को डब्ल्यूडब्ल्यूआरएनएस के घटक के रूप में स्वीकार करने की सिफारिश करता है।

आईआरएनएसएस अब वर्ल्ड वाइड रेडियो नेविगेशन सिस्टम का एक हिस्सा है

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