रेलवे बोर्ड ने रद्द ट्रेनों के संचालन को दी हरी झंडी, एक अप्रैल से फिर होगी शुरू

बरेली : लगभग साढ़े तीन महीने बाद एक अप्रैल से रेलवे बोर्ड ने रद्द ट्रेनों के संचालन को हरी झंडी दे दी है। ऐसी करीब एक दर्जन ट्रेनें 15 दिसंबर से नहीं चल रही थीं। इससे यात्रियों को काफी परेशानी हो रही थी। रेलवे हर साल दिसंबर में ठंड और कोहरे की वजह से छोटी दूरी वाली ट्रेनों का संचालन बंद कर देता है। 15 दिसंबर, 2018 से जंक्शन से चलने और गुजरने वाली एक दर्जन ट्रेनों को एक महीने के लिए रद्द किया गया था। 

लोकसभा चुनाव: ....तो इस वजह से 23 की जगह 28 मई को आ सकते हैं चुनाव परिणाम

ऐसा है ट्रेनों का समय 

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार इसके बाद सभी ट्रेनों को कुंभ में लगा दिया गया। चार मार्च को कुंभ समाप्त हुआ, लेकिन रेलवे ने 31 मार्च तक ट्रेनों का संचालन रद्द रखने का आदेश जारी कर दिया। अब रेलवे बोर्ड ने एक अप्रैल से सभी ट्रेनें चलाने का निर्देश दिया है। इनके लिए रिजर्वेशन भी शुरू हो चुके हैं। बता दें कि कोहरे की वजह से लखनऊ-आनंद विहार डबल डेकर, वाराणसी-देहरादून जनता एक्सप्रेस, बरेली-वाराणसी एक्सप्रेस, अंबाला-बरौनी हरिहरनाथ एक्सप्रेस, मेरठ सिटी-लखनऊ राज्यरानी एक्सप्रेस, शहीद एक्सप्रेस, सरयू-यमुना शहीद एक्सप्रेस समेत कई पैसेंजर ट्रेनें 15 दिसंबर से रद्द कर दी थीं।

लोकसभा चुनाव: गुजरात हाई कोर्ट के फैसले पर हार्दिक ने तोड़ी चुप्पी, कह दी बड़ी बात

फिलहाल जारी है वेटिंग 

जानकारी के मुताबिक 29 मार्च से रेलवे कंट्रोल रूम मुरादाबाद से रिजर्वेशन शुरू करने के आदेश आते ही लोगों ने देहरादून-हरिद्वार के लिए रिजर्वेशन कराना शुरू कर दिए। वाराणसी-देहरादून जनता एक्सप्रेस में एक अप्रैल को जंक्शन से 27 वेंटिंग और अंबाला-बरौनी हरिहरनाथ एक्सप्रेस में 72 वेटिंग हो गई। देहरादून के लिए रोजाना की ट्रेनों में हावड़ा-देहरादून दून एक्सप्रेस और जनता एक्सप्रेस हैं, जबकि साप्ताहिक ट्रेनों में उपासना, राप्तीगंगा एक्सप्रेस हैं।

मातम में बदली बेटे की शादी, कार्ड बांटने जा रहे पिता को ट्रक ने रौंदा

लोकसभा चुनाव: हार्दिक पटेल को गुजरात हाईकोर्ट से बड़ा झटका, नहीं लड़ पाएंगे चुनाव

1984 सिख दंगा मामला: दो माह में जांच पूरी करे SIT, सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेश

- Sponsored Advert -

Most Popular

- Sponsored Advert -