इस्लामिक संगठनों ने किया ISIS का विरोध

नई दिल्ली : अब तक तो भारत में आईएसआईएस को लेकर युवाओं में आकर्षण की बातें की जाती रही हैं लेकिन भारत के मुस्लिमों द्वारा भारतीय व्यवस्था में विश्वास दर्शाया गया है। दरअसल भारत के इस्लामिक विद्वानों द्वारा आतंकी संगठन आईएसआईएस का जमकर विरोध किया गया है। इस विरोध में 1050 मुफ्ती शामिल हैं। इन लोगों द्वारा कहा गया है कि यह संगठन बेगुनाहों की हत्या करने वाला संगठन है। आतंकी संगठन द्वारा पोस्ट की जाने वाली हत्याओं की तस्वीरों और वीडियो को विद्वानों ने गैर इस्लामिक व शरीयत के विरूद्ध बताया है। 

भारत में आईएसआईएस के प्रवेश को लेकर कई बार चेतावनियां दी जाती रही हैं। ऐसे में यह भी कहा गया है कि कई युवा आईएसआईस के प्रति आकर्षित हो रहे हैं। इन युवाओं को इंटरनेट सामग्री और मस्जिदों के बाहर और आसपास आईएसआईएस के लिए कार्य करने वाले कथित लोगों द्वारा बरगलाया जाता रहा है।

मगर अब यह बात सामने आई है कि ISIS के खिलाफ मुस्लिम संगठनों ने विरोध जताया है। इस दौरान उन्होंने कहा कि जिस तरह से ISIS वीडियो जारी करता रहा है वह गैर इस्लामी है और यह शरीयत के विरूद्ध है। ISIS के खिलाफ फतवा जारी करने वालों में दिल्ली जामा मस्जिद के इमाम, अलेमा काउंसिल आॅफ इंडिया, अजमेर दरगाह, निजामुद्दीन औलिया, दरगाह, दारूल उलूम मोहम्मदिया, जमीयत - उल - उलेमा महाराष्ट्र, जमीयत अहले मुंबई, रजा अकैडमी, आॅल इंडिया तंजीम अमय - ऐ - मस्जिद, आमिल साहब दाऊदी बोहरा, सैयद जाहिर अब्बास रिजवी जैनबिया और मोइन अशरफ साहब कछोछा दरगाह आदि शामिल हैं। 

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