भारत ने पूरा किया लंदन में अंबेडकर के मकान का अधिग्रहण

लंदन : लंदन में 1920 के दशक में भारतीय संविधान के रचियता डॉ. बीआर अंबेडकर बतौर विद्यार्थी जिस 3 मंजिली ईमारत में रहते थे, भारत ने उसे 31 लाख पाउंड में अधिग्रहण का काम पूरा कर लिया है और अब उसे स्मारक बनाने के लिए जल्द ही उचित कदम उठाये जाएंगे। फेडरेशन ऑफ अंबेडकराइट एंड बुद्धिस्ट आर्गनाइजेशंस यूके (FABO) के अध्यक्ष संतोष दास के मुताबिक, मुझे खुशी है कि महाराष्ट्र के सामजिक न्याय एवं विशेष सहायता मंत्री राजकुमार बादोले ने 24 सितंबर को उत्तर पश्चिम लंदन के 10 किंग हेनरी रोड पर स्थित 2050 वर्गफुट में फैले भवन का अधिग्रहण पूरा कर लिया है। इस भवन को जरूरी मरम्मत एवं साज-सज्जा के बाद स्मारक के रूप में बदला जाएगा।

लंदन की इस रिहायशी संपत्ति की पिछले साल एस्टेट एजेंट के माध्यम से बिक्री हुई थी। दास ने बताय की लंदन और दुनियाभर के अंबेडकरवादियों के लिए के लिए यह बेहद खास दिन है। यह अंबेकरवादियों के लिए महत्वपूर्ण इसलिए है क्योंकि इसी भवन में डॉ. अंबेडकर ने अपना विद्यार्थी जीओवान व्यतीत किया था तथा भारत में जाति प्रथा एवं ब्रिटिश शासन के प्रभाव को चुनौती देने के लिए अपने इरादे मजबूत किए थे।

उन्होंने बताया की जल्द ही ब्रिटेन में भारतीयों की पीढ़ियां, अध्ययन के लिए आने वाले लोग, सामाजिक न्याय, मानवाधिकार एवं समान बर्ताव के विचार को आगे बढ़ाने में डॉ. अंबेडकर की मुख्य भूमिका को जानने में रूचि लेने वाले या प्रेरणा लेने वाले लोग इस भवन में आ पायेंगे।

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