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ISIS को बम बनाने का सामान सप्लाई करने में भारत की कंपनिया शामिल

ISIS को बम बनाने का सामान सप्लाई करने में भारत की कंपनिया शामिल

अंकारा. यूरोपियन यूनियन की एक स्टडी से खुलासा हुआ की खूंखार आतंकी संगठन ISIS को बम बनाने का सामान सप्लाई करने वाले 20 देशों की लिस्ट में भारत की कंपनिया शामिल है. इसके अनुसार अमेरिका, तुर्की और ब्राजील जैसे देशों की तक़रीबन 51 कंपनियां ISIS द्वारा प्रयोग किये जा रहे एक्सप्लोसिव्स के 700 हिस्से बनाती, बेचती और खरीदती या लेती हैं. कॉन्फ्लिक्ट आर्मामेंट रिसर्च (CAR) की करीब 20 महीने की स्टडी के मुताबिक यह बात सामने आई है की भयानक आतंकी संगठन आईएएस ने सीरिया और इराक में बड़े पैमाने पर कब्ज़ा करके वहां खलीफा के राज का एलान कर रखा है.

रिपोर्ट के हवाले से आतंकी संगठन को वेपन्स और एक्सप्लोसिव बनाने का सामान पहुंचाने वाली सप्लाई चेन में सबसे ज्यादा 17 कंपनियां तुर्की की हैं. वही CAR के एमडी जेम्स बेवेन कहना है की इस स्टडी से अंतरराष्ट्रीय जागरूकता आएगी. साथ ही साथ रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है कि इस सप्लाई चेन में 7 भारतीय कंपनियां भी शामिल है. इनमें से ज्यादातर डेटोनेटर, डेटोनेटिंग कॉर्ड तथा सेफ्टी फ्यूज की सप्लाई करती हैं. रिपोर्ट से यह बात भी पता चली है कि ये कंपनियां सरकार से बाकायदा लाइसेंस लेकर कानूनी तरीके से यह सामान लेबनान और तुर्की सप्लाई करती है.

जेम्स बेवेन ने कहा कि इनमें से बहुत-सा सामान बहुत सस्ता और ऐसा है जिसकी सप्लाई के लिए सरकारी लाइसेंस की आवश्यकता नहीं होती. वही दूसरी और तुर्की की सरकार ने इस मामले में सीएआर को मदद देने से इंकार किया है. इस सामान के तुर्की से बाहर जाने या आने के बारे में कानून क्या कर रहा है, यह मालूम नही, लेकिन सीएआर कुछ साथियों की मदद से उस मटेरियल तक पहुंच गया.

इस भयानक आतंकी संगठन तक एक्सप्लोसिव और वेपन्स पहुंचाने वाले दूसरे देशों में रूस, चीन, ब्राजील, रोमानिया, नीदरलैंड्स, स्विट्जरलैंड, ऑस्ट्रिया और चेक रिपब्लिक शामिल हैं. वही एक ब्रिटिश मीडिया रिपोर्ट के हवाले से पता चला कि ISIS हथियार खरीदने और बेचने के लिए सोशल मीडिया साइट फेसबुक का इस्तेमाल करता है. फेसबुक कि सहायता से यह एंटी एयरक्राफ्ट रॉकेट लांचर भी खरीदता है.जो कि वह किसी भी पैसेंजर प्लेन को गिराने में सक्षम होता है.