दिसंबर तक पूर्ण हो जाएगी भारतीय सेना के पुनर्गठन की समीक्षा

Aug 20 2018 06:43 PM
दिसंबर तक पूर्ण हो जाएगी भारतीय सेना के पुनर्गठन की समीक्षा

नई दिल्ली: भारतीय सेना को घातक युद्ध लड़ने की मशीन में परिवर्तित करने की सबसे बड़ा संगठनात्मक अध्ययन इस वर्ष दिसंबर तक पूरा होने की उम्मीद है. भारत के आज़ाद होने के बाद से यह सबसे बड़ी संगठनात्मक संरचना की समीक्षा है, जिसके तहत ये पता लगाया जा रहा है कि भारतीय सेना का वर्तमान अभ्यास क्या भविष्य में होने वाले युद्धों के लिए पर्याप्त है. भारतीय सेना की इस समीक्षा के पूर्ण होने के बाद और ज्यादा घातक हो जाएगी, जिसका फायदा उन्हें आतंकियों के खिलाफ भी मिलेगा. 

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बेड़े के अध्ययन  में व्यापक रूप से शामिल हैं - 1) भारतीय सेना का पुनर्गठन; 2) सेना मुख्यालय की समीक्षा; 3) अधिकारियों के लिए कैडर समीक्षा (एवी सिंह समिति की रिपोर्ट, 2001 के बाद किया जा रहा है) और 4) वचनबद्धता की शर्तों की समीक्षा. प्रत्येक अध्ययन 25 सदस्यों की एक टीम द्वारा आयोजित किया जा रहा है, जिसका नेतृत्व वरिष्ठ लेफ्टिनेंट जेनरल द्वारा किया जा रहा है. 

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सेना के एक अधिकारी ने बताया है कि इस समीक्षा का लक्ष्य भारतीय सेना को एक प्रभावशाली युद्ध मशीन में परिवर्तित करना है. उन्होंने कहा कि इसमें कुछ जटिलताएं भी हैं, जैसे रक्षा बजट का इस्तेमाल, रक्षा उपकरणों और हथियारों की खरीद फरोख्त आदि. उन्होंने बताया कि इस समीक्षा के पूर्ण होने पर कुछ निदेशालयों को बंद भी किया जा सकता है, कुछ को दूसरे निदेशालयों में विलय किया जा सकता है व् कुछ को वापिस दिल्ली शिफ्ट किया जा सकता है. बताया जा रहा है कि यह समूह अपनी रिपोर्ट पहले वाइस आर्मी चीफ को जमा करेगा, उनके द्वारा समीक्षा और संशोधन करने के बाद यह रिपोर्ट सेनाध्यक्ष जनरल बीपिन रावत को प्रस्तुत की जाएगी, माना जा रहा है कि दिसंबर के आखिरी तक ये रिपोर्ट सेनाध्यक्ष को जमा कर दी जाएगी. 

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