इंडियन आर्मी ने चीनी वॉच टावर को गिराया, सीमा पर बढ़ी टेंशन

Sep 12 2015 10:31 PM
इंडियन आर्मी ने चीनी वॉच टावर को गिराया, सीमा पर बढ़ी टेंशन

नई दिल्ली : भारत और चीन की सेना लद्दाख में एक बार फिर आमने-सामने आ गई हैं। लद्दाख के बुर्तसे इलाके में यह घटना तब हुई जब चीन द्वारा पैट्रोलिंग लाइन पर बनाए गए वॉच टावर को भारतीय सेना ने गिरा दिया। लद्दाख में इन दिनों दोनों देश की सेना की तादाद बढ़ती नजर आ रही है।

यह है मामला? :- चीनी सेना के द्वारा बॉर्डर क्षेत्र में पैट्रोलिंग लाइन (वह लाइन जिसके भीतर रहकर गश्त लगाई जाती है) के नजदीक एक वॉच टावर का निर्माण कर लिया गया था। शुक्रवार को इस टावर को इंडियन आर्मी और इंडो तिबतन बॉर्डर पुलिस ने मिलकर तोड़ दिया। इस घटना के बाद दोनों देशो की और से सेना की तादाद बढ़ने लगी।

लद्दाख के बुर्तसे में ही हुआ था पहले भी टकराव :

अगस्त 2014 : 2014 अगस्त में भारतीय सीमा में चीनी सैनिक 25 किलोमीटर अंदर तक घुस आए थे। भारतीय सेना के गश्ती दल ने पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी के अधिकारियों को देखा था। और इसके बाद गश्ती दल पुनः आ गया था। दूसरे दिन जब भारतीय सैनिक गश्ती पर निकले, तब भी चीनी सैनिकों की स्थिति में कोई चेंज नहीं आया। चीनी सेना के हाथ में "यह चीनी इलाका है, वापस जाओ" लिखा झंडा था। भारतीय गश्ती दल के साथ क्विक रिएक्शन टीम भी गई, लेकिन चीनी सैनिकों ने अपनी जगह से पीछे जाने से मना कर दिया था।

सितंबर 2014 : सितंबर में 30 चीनी सेनिको द्वारा भारतीय सीमा रेखा को पार करके 500 मीटर अंदर आकर तम्बू लगा लिए गए थे। मामले को देखते हुए इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (आईटीबीपी) ने अपने 70 जवानों को तुरंत इस क्षेत्र में तैनात किया था।

जुलाई 2013 : चीन सेना लद्दाख के बुर्तसे क्षेत्र में भारतीय सेना की चौकियों के 2 किलोमीटर के दायरे में आ गई थी। यह क्षेत्र लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल से करीब 30 किलोमीटर दुरी पर है। जुलाई में ही चुमार सेक्टर में चीन सेना ने घुसपैठ की थी।

चीनी सेना 2014 में 334 बार घुसी :- चीन की सेना द्वारा 2014 में 334 बार भारतीय क्षेत्र में घुसने के मामले सामने आए है। यह सारी घुसपैठ लद्दाख के नजदीकी सेंट्रो में ही की गई है। पिछले साल अगस्त में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग जब भारत यात्रा पर थे, तब भी लद्दाख में 10 दिन से ज्यादा समय तक घुसपैठ विवाद के चलते भारत-चीन की आर्मी आमने-सामने थी। हालांकि, 2014 के नवंबर में भारतीय रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर द्वारा कहा गया था कि छोटी छोटी घटनाएं होना आम बात है। इन घटनाओ को तुरंत ही सुलझा लिया जाता है। इन्हें आप घुसपैठ की बड़ी घटना नहीं कह सकते। चीन से सटे बड़े हिस्से पर बॉर्डर इमेजनरी है। वहां दोनों ओर की आर्मी एक-दूसरे की तरफ चली जाती हैं।