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अमेरिका की तर्ज पर अब भारत भी रखेगा विदेश पर्यटकों की जानकारी को संरक्षित

अमेरिका की तर्ज पर अब भारत भी रखेगा विदेश पर्यटकों की जानकारी को संरक्षित

नई दिल्ली : भारत सरकार ने तय किया है कि वो विदेशी पर्यटकों का ब्योरा सुरक्षित रखने के लिए एक डेटाबेस तैयार करेगा। अमेरिका पहले से ही ऐसा करता आया है। सुरक्षा एजेंसियों ने इसकी तैयारी भी कर ली है। ई-वीजा के जरिए अब तक 10 लाख विदेशी नागरिकों के फिंगर प्रिंट्स एकत्रित कर लिए गए है।

कहा जा रहा है कि ऐसा ISIS के आतंकी संगठनों औऱ आईएसएआईएस की ओर से बढ़ते खतरे को देखते हुए किया जा रहा है। 26/11 हमले से पहले डेविड हेडली भी टूरिस्ट वीजा के तहत ही भारत आया था और सभी जरुरी जानकारियां ले जाकर आतंकी संगठनों को देता था।

उस वक्त भारत को हेडली के बार-बार देश में आने की सूचना नहीं थी। खुद हेडली ने इसका खुलासा किया था। मोदी सरकार ने यूनिक केस फाइल(यूसीएफ) योजना की शुरुआत की है। जिसके तहत अगर कोई भी विदेशी टूरिस्ट वीजा पर भारत आता है और अगर ई वीजा के जरिए अप्लाई करता है तो उन्हें अपने फिंगर प्रिंट्स और अपनी निजी जानकारी देनी होगी।