कड़ी मेहनत के दम पर चैंपियन बनी है भारत की जूनियर हॉकी टीम

15 साल बाद जूनियर हॉकी में विश्व विजेता बनने वाली भारतीय टीम ने भारत को अपार ख़ुशी का मौका दिया है. इस पूरे टूर्नामेंट में खिलाड़ियों ने जिस जोश और तकनीक के साथ हॉकी खेली है, उनकी जितनी तारीफ़ की जाए वो कम है. जूनियर टीम के कप्तान हरजीत सिंह ने कहा कि यह खिताब पिछले कुछ वर्षो से टीम द्वारा की गई अथक मेहनत और तैयारियों का नतीजा है। यह एक शानदार जीत है और हम इसके हकदार थे।

हम पिछले दो वर्षो से इस टूर्नामेंट के लिए कठिन मेहनत कर रहे थे। हमने टूर्नामेंट-दर-टूर्नामेंट खुद में सुधार किए। अनेक कठिनाइयों के बावजूद हम एक टीम के रूप में एकजुट रहे और इससे में फायदा मिला। हमने पूरे टूर्नामेंट में अच्छी हॉकी खेली. इस जीत के हीरो टीम के कोच हरेंद्र सिंह रहे. हरेंद्र ने खिलाड़ियों में आत्मविश्वास और हार नहीं मानने का जज्बा भरा लेकिन सबसे बड़ी उपलब्धि रही कि उन्होंने युवा टीम को व्यक्तिगत प्रदर्शन के दायरे से निकालकर एक टीम के रूप में जीतना सिखाया।

भारत की जूनियर हॉकी टीम में 10 खिलाड़ी पंजाब की मिट्टी में खेलकर यहां तक पहुंचे है. टीम के कप्तान हरजीत सिंह, मनदीप सिंह, हरमनप्रीत सिंह, वरुण कुमार, कृष्णा पाठक, गुरिंदर सिंह, विक्रमजीत सिंह, सिमरनजीत सिंह, परविंदर सिंह और गुरजंट सिंह पंजाब के हैं.

15 साल बाद भारत ने जीता जूनियर हॉकी World Cup

25 मीटर पिस्टल के फाइनल में पहुंची हीना सिद्धू,

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