भारत अंतरिक्ष में भेजेगा ऑब्जर्वेटरी एस्ट्रोसैट, ऐसा करने वाला चौथा देश

श्रीहरिकोटा ​: भारत 28 सितंबर को: अपना पहला स्पेस ऑब्जर्वेटरी एस्ट्रोसैट (space observatory Astrosat) लॉन्च करेगा. भारत ऐसा करने वाला दुनिया का चौथा देश होगा. इसरो ने रविवार को जानकारी देते हुए बताया कि श्रीहरिकोटा से 10 किलोमीटर दूर सतीश धवन स्पेस सेंटर से PSLV C-30 रॉकेट के जरिए इस 1.5 टन वजनी सैटेलाइट को अंतरिक्ष में भेजा जाएगा. अभी तक अमेरिका, रूस और जापान ने ही स्पेस ऑब्जर्वेटरी लॉन्च किया है.

इसरो के आधिकारी ने बताया कि ''इस मिशन का मकसद स्पेस से सैटेलाइट के जरिए पृथ्वी पर होने वाले बदलावों का वैज्ञानिकी विश्लेषण करना है. इसमें अल्ट्रावायलेट रे, एक्स-रे, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम जैसी चीजों को ब्रह्मांड से परखा जाएगा.'' इसके साथ ही, मल्टी-वेवलेंथ ऑब्जर्वेटरी के जरिए तारों के बीच दूरी का भी पता लगाया जाएगा. इससे सुपर मैसिव ब्लैक होल की स्तिथी के बारे में भी पता लगाने में यह मदद मिलेगी.

इसरो के अलावा चार अन्य भारतीय संस्थान टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एस्ट्रोफिजिक्स, इंटर-यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर एस्ट्रोनॉमी-एस्ट्रोफिजिक्स और रमन रिसर्च इंस्टीट्यूट भी इसमें शामिल हैं.

इसके साथ ही 6 और सैटेलाइट लॉन्च की जाएंगी. इनमें कनाडा-इंडोनेशिया से 1 (माइक्रो) और अमेरिका के 4 नैनो सैटेलाइट्स को भी भेजा जाएगा. एस्ट्रोसैट 650 किमी ऑरबिट में लॉन्च किया जाएगा, जिसके साथ 4 एक्स-रे पेलोड्स, 1 यूवी टेलिस्कोप और चार्ज पार्टिकल मॉनिटर होगा.

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