भारत जल्द ही बढ़ाएगा अक्षय ऊर्जा का उत्पादन

भारत जल्द ही बढ़ाएगा अक्षय ऊर्जा का उत्पादन

हाल ही में सौर ऊर्जा को लेकर भारत ने अपनी क्षमता को बढ़ाये जाने के बारे में बात की है. मामले में आपको यह भी बता दे कि संयुक्त राष्ट्र को भारत के द्वारा यह भरोसा दिया है कि देश के द्वारा वर्ष 2030 तक कार्बन उत्सर्जन में 33 से लेकर 35 फीसदी तक की कटौती की जाना है और इसके साथ ही अक्षय ऊर्जा के उत्पादन को 40 फीसदी तक बढ़ाया जाना है. मामले में आपको यह बात स्पष्ट कर दे कि भारत के द्वारा यह बात पेरिस में विश्व पर्यावरण संधि के लिए "यूनाइटेड नेशंस फ्रेमवर्क कन्वेंशन ऑन क्लाइमेट चेंज" (UNFCCC) के सामने बताई गई है.

बात करे हाल ही की तो इस बारे में आपको यह सुचना दे कि भारत का मौजूदा लक्ष्य 2020 तक 20 से 25 फीसदी की कमी का था जोकि अभी 2010 तक 12 फीसदी तक देखने को मिल चूका है. भारत के द्वारा सामने रखे गए इस लक्ष्य को इंटेंडेड नेशनली डिटरमाइंड कांट्रिब्यूशन (INDC) का नाम भी दिया गया है. इस लक्ष्य में यह कहा गया है कि भारत अपनी गैर जीवाश्म ईधन आधारित बिजली का उत्पादन वर्ष 2030 तक 40 फीसदी तक करने जा रहा है और इसके साथ ही यह भी कहा है कि कार्बन उत्सर्जन की तीव्रता को वर्ष 2030 तक GDP के 33 से 35 फीसदी तक लाने का भी लक्ष्य निर्धारित है.

भारत ने अपने इस लक्ष्य को लेकर 38 पेजों के दस्तावेज भी पेश किये है और साथ ही इसको ध्यान में रखते हुए नेशनल एडाप्सन फंड का भी निर्माण किया गया है. इसके साथ ही यह बात भी सामने आई है कि ग्रीन हाऊस गैस का उत्पादन भी वर्ष 2020 तक 20 से 25 फीसदी तक किया जाना है. साथ ही इस मामले में यह भी कहा जा रहा है कि इससे ना केवल सरकार को बल्कि लोगों को भी बहुत हद तक फायदा होना है.