भारत का मास्टर प्लान, बूँद-बूँद को तरसेगा और अँधेरे में डूब जाएगा पाक

नई दिल्ली: पुलवामा में CRPF के काफिले पर हुए आत्मघाती आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए भारत एक के बाद एक बड़े कदम उठा रहा है. भारत सरकार की तरफ से एक और बड़ा फैसला लिया गया है, 'भारत ने अपने हिस्से के पानी को रोकने और पूर्वी नदियों की धारा जम्मू कश्मीर और पंजाब की तरफ मोड़ने का फैसला लिया है.'

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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस फैसले के बारे में जानकारी देते हुए कहा है कि यह फैसला केवल एक विभाग का ही नहीं बल्कि सरकार और पीएम के लेवल का फैसला होगा. मैंने अपने विभाग से कहा है कि भारत के अधिकार का जो पानी पाकिस्तान को जा रहा था वो कहा-कहा जा रहा इसका टेक्निकल डिजाइन बनाकर तैयार किया जाए. दरअसल, भारत से चलने वाली नदियों का डिजिटल मैप तैयार होने के बाद पाकिस्तान को मिलने वाले पानी पूरी तरह से रोक दिया जाएगा. भारत अगर सिंधु के पानी पर रोक लगा देता है, तो पाकिस्तान को इसके बुरे प्रभाव से गुजरना होगा और यह उसकी अर्थव्यवस्था के लिए भी यह खतरे की घंटी से कम न होगा. 

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यह प्रोजेक्ट पाकिस्तान के लिए बड़ी समस्या साबित हो सकता है. पाकिस्तान की ओर जाने वाली नदियों से भारत सिंधु जल समझौते के दायरे में रहते हुए भी 18,569 मेगावॉट बिजली उत्पादन कार्य कर सकता है. किन्तु भारत अब तक इन सबसे केवल 3,500 मेगावॉट जलविद्युत उत्पादन की क्षमता ही विकसित कर पाया है. भारत की तरफ से नदियों के पानी को रोके जाने के बाद पाकिस्तान में बिजली उत्पादन पर भी रोक लगा दी जाएगी, जिसकी वजह से उसके सिंध प्रांत में अंधेरा छा सकता है. 

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