शून्य उत्सर्जन वाहनों की नीति पर भारत-जापान एक साथ

शून्य उत्सर्जन वाहनों की नीति पर भारत-जापान एक साथ

इलेक्ट्रिक वाहनों के जरिये बढ़ते प्रदुषण को रोकने की कवायद में इस समय दुनिया का हर देश जुटा है. इसी मुहीम में भारत और जापान ने साथ मिलकर आगे बढ़ने का फैसला किया है. शून्य उत्सर्जन वाहनों पर नीतिगत बातचीत में सहयोग करके इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के डेवेलपमेंट पर चर्चा शुरू करने पर सहमति व्यक्त की है.

एक आधिकारिक बयान में भारतीय विद्युत मंत्रालय ने कहा है कि दोनों देशों ने ऊर्जा मंत्री आर के सिंह और जापानी व्यापार और उद्योग मंत्री हिरोशिगे सेको ने नौवीं भारत जापान ऊर्जा वार्ता में कोयले द्वारा बनाई जा रहीं बिजली संयंत्रों के लिए पर्यावरणीय उपायों के साथ-साथ अच्छा प्रदर्शन कर रहे ऊर्जा बाजारों को बढ़ावा देने के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की है.भारत और जापान दोनों ने अच्छी तरह से काम कर रहे ऊर्जा बाजारों को बढ़ावा देने के साथ मिलकर काम करने की अपनी प्रतिबद्धता को भी दोहरा रहे है. 

इसमें कहा गया कि दोनों देश अगली पीढ़ी से शून्य उत्सर्जन वाहनों पर नीति वार्ता पर सहयोग करके इलेक्ट्रिक व्हीकल के विकास की दिशा में चर्चा शुरू करने पर सहमति जताई है. गौरतलब है कि दुनिया के अन्य देशों की तरह भारत भी प्रदुषण से जुंझ रहा है. इलेक्ट्रिक वाहन इस समस्या का हल हो सकते है. साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों के कारण ईंधन कि बढ़ती किल्लत और दामों से भी बचा जा सकेगा.  

 

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