चीन ने किया भारत को भी मजबूर, भारत ने लगाया पराइडन-81 को निगरानी पर

Jan 19 2016 10:30 AM
चीन ने किया भारत को भी मजबूर, भारत ने लगाया पराइडन-81 को निगरानी पर

नई दिल्ली : चीन ने हिंद महासागर में अपने पांव पसार कर सभी देशों से दुश्मनी मोल ले ली है। इस कड़ी में अमेरिका, वियतनाम और जापान के अलावा अब भारत भी शामिल हो गया है। चीन की बढ़ती सक्रियता ने भारत को भी उसके खिलाफ कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है। भारत ने चीन के नापाक मंसूबो को नाकाम करने के लिए अंडमान-निकोबार द्वीप स्थित मिलिटरी बेस पर शक्तिशाली पसाइडन-81 एय़रक्राफ्ट की तैनाती की है।

रक्षा मंत्रालय के सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, हाल के दिनों में चीन की पनडुब्बियों की सक्रियता हिंद महासागर में बढ़ गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए भारत ने भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पसाइडन-81 एयरकाफ्ट को वहां तैनात किया है। भारत ने पहले ही अंडमान-निकोबार में इजरायल निर्मित हवाई सर्चर-2 व्हीकल्स तैनात कर रखे है।

बता दें कि 2009 में भारत ने अमेरिकन कंपनी बोइंग से 8 पसाइडन-81 एयरक्राफ्ट की डील 2.1 बिलियन डॉलर में की थी। अमेरिका ने भारत को इन एयरक्राफ्ट की सप्लाई कर दी है, जिसे तमिलनाडु के आईएनएस रजाली नवल एयर स्टेशन के बेड़े में शामिल किया था। कहा जाता है कि रणनीतिक दृष्टिकोण से भारत के लि अंडमान-निकोबार द्वीप समूह बेहद महत्वपूर्ण है। पसाइडन-81 की तैनाती से भारत चीन की हर रणनीतिक चाल पर नजर रख सकेगा।

क्यों है पसाइडन-81 खासः-

1.पसाइडन-81 रडार से लैस होने के कारण खुफिया और जासूसी के कामों में निपुण है।

2.इसमें रडार के साथ-साथ हारपून ब्लॉक-2 मिसाइल और एमके-54 लाइटेट विध्वंशक भी है

3.यह एयरक्राफ्ट रॉकेट और बारुद को ढोने में भी सक्षम है।

4.इन सबके अलावा यह दुश्मन की युद्धपोत और पनडुब्बियों को भी बेअसर करने में सक्षम है।

5.फिलहाल इसकी तैनाती पोट ब्लेयर में की गई है, जहां से यह आस-पास के क्षेत्रों पर भी नजर बनाए रखेगा।