भारत और UAE के बीच होगा संयुक्त व्यापार परिषद का गठन

Sep 03 2015 03:51 PM
भारत और UAE के बीच होगा संयुक्त व्यापार परिषद का गठन

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री की संयुक्त अरब अमीरात यात्रा के नतीजे सामने आने लगे हैं। दोनों देशों ने अपने रिश्तों को एक नई ऊंचाई तक ले जाने के लिए संयुक्त व्यापार परिषद (जेबीसी) के गठन का फैसला किया है, परिषद का गठन गुरुवार को हो जाएगा। इस बात की जानकारी विदेश मंत्रालय के सचिव अनिल वाधवा ने भारत-यूएई के व्यापार सम्मेलन में दी। सम्मेलन का आयोजन विदेश मंत्रालय और भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने यहां संयुक्त रूप से किया है। वाधवा ने कहा, " भारत और यूएई देर शाम तक संयुक्त व्यापार परिषद के गठन के समझौते पर दस्तखत करेंगे। यह परिषद दोनों देशों के द्विपक्षीय रिश्तों और आर्थिक सहयोग को और मजबूत बनाएगी।"

उन्होंने कहा कि सीआईआई यूएई द्वारा व्यावसायिक अवसरों को प्रोत्साहन देने के लिए संस्थागत मदद से जुड़े एक समझौते पर यूएई के चेम्बर ऑफ कॉमर्स के साथ दस्तखत करेगा। वाधवा ने कहा कि भारत की निगाह यूएई से होने वाले 75 अरब डालर के निवेश पर है जो यूएई-भारत निवेश कोष के जरिए होगा। यूएई के मिनिस्टर ऑफ स्टेट रीम इब्राहीम अल हाशिमी ने कहा कि दोनों देशों के बीच अभी 60 अरब डालर का व्यापार हो रहा है। इसे दोगुना करने की संभावना मौजूद है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच हर हफ्ते 1000 उड़ानें इनके बीच के रिश्ते की गहराई को बताने के लिए काफी हैं।

यूएई इस रिश्ते को रणनीतिक रूप से नई ऊंचाइयों तक ले जाना चाहता है। हाशिम यूएई के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायेद अल नहयान के नेतृत्व में आए एक प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं। यह प्रतिनिधिमंडल मोदी की यूएई यात्रा के बाद रिश्तों को आगे बढ़ाने के मकसद से भारत आया हुआ है। यूएई से भारत में कच्चे तेल का आयात बड़े पैमाने पर होता है। सबसे ज्यादा कच्चे तेल के आयात के मामले में यूएई का नंबर छठा है। भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार के मामले में यूएई से आगे सिर्फ चीन और अमेरिका हैं।