अन्धविश्वास या रिवाज : इस गाँव में महिला नहीं देती बच्चे को जन्म

एक महिला के लिए माँ बनना बहुत ही सौभाग्य की बात है. शादी के बाद अगर बच्चे ना हो तो बहुत ही तकलीफ होती है. आस पास के लोग और रिश्तेदार ताने देने लगते हैं. लेकिन आज ऐसी कुछ बात बताने जा रहे हैं जिसे जानकर आप चौंक जायेंगे. जी हाँ, हम एक ऐसे गाओं की बात बताने जा रहे हैं जहाँ पर आज तक कोई बच्चा पैदा नहीं हुआ. हैरानी की बात तो है और ये सोचने वाली बात भी है कि ऐसा कैसे हो सकता है. तो आपको बता देते हैं इसके बारे में.

हम बात कर रहे हैं मध्य प्रदेश गुर्जरों के एक गाँव की जहाँ बच्चे पैदा करना मना है. ऐसा माना जाता है कि अगर इस गाँव में बच्चे पैदा हुए तो इस गाँव का श्याम मंदिर अपवित्र हो जायेगा. आपको बता दे, ये गांव भोपाल से 77 किलोमीटर दूर है जिसका नाम है सांका जागीर. यहां की आबादी करीब 1200 लोगों की है जहाँ गुर्जरों का ही समूह है. ऐसा नहीं है कि इस गाँव में कोई बच्चे नहीं है. बच्चे हैं, लेकिन जब एक महिला को बच्चा होने वाला होता है तो उसे गाओं से बाहर ले जाया जाता है ताकि बच्चा उस गाँव में पैदा न हो.

महिला का प्रसव या तो उसके मायके में या शहर के किसी अस्पताल में या फिर अंतिम विकल्प के तौर पर गांव के बाहर खेतों में ही होता है. गांव के बड़े-बुजुर्गों का कहना है कि यदि किसी का बच्चा गांव में पैदा होता है तो वह विकलांग हो जाएगा या फिर उस परिवार पर मुसीबतें टूट पड़ेंगी.  यहाँ के सरपंच का भी कहना है कि उन्होंने अब तक अपने जीवन में ये नहीं देखा की कोई बच्चे उनके गाँव में ही पैदा हुआ हो.

 

स्वस्थ रहने के लिए यहाँ किया जाता है चिल्ली अभिषेक

यहाँ पेड़ के तनो में गाड़ दिया जाता है बच्चों को

इस वजह से है दोनों जुड़वाँ बहनों का नाम गिनीज़ बुक में

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