सिंहस्थ 2016 में लगेगी फर्जी शंकराचार्यों पर रोक

उज्जैन : देशभर के विभिन्न मठों के पीठाधीश्वर और अन्य क्षेत्रों के शंकराचार्य तो 84 हैं, यही नहीं मूल पीठ  चार हैं। ऐसे ही पीठों के शंकराचार्य मान्य हैं। दूसरी ओर सिंहस्थ में प्रवेश मिलने के दौरान फर्जी शंकराचार्य उज्जैन सिंहस्थ क्षेत्र में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। यही नहीं फर्जी लोगों को जमात से बाहर करने के लिए प्रत्येक अखाड़े के साधु - संत, महामंडलेश्वर का परिचय पत्र जारी किया जाएगा। मिली जानकारी के अनुसार अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्रगिरि महाराज सिंहस्थ की तैयारियों का जायजा लेने के लिए उज्जैन पहुंचे। नरेंद्रगिरिजी द्वारा कहा गया कि तैयारियों में तेज़ी लाए जाने की जरूरत है। यही नहीं यह भी कहा गया है कि मेला क्षेत्र में व्याप्त अतिक्रमण पर कहा गया कि राजनीतिक हित से अगल हटकर निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर प्रेमानंद को भी हटा दिया गया।

फर्जी लोगों को जमात से अलग करने और सही मायने में साधु - संतो के साथ महामंडलेश्वर का परिचय पत्र जारी किया जाएगा। दूसरी ओर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के साथ वासुदेवनंद के बीच विवाद का निराकरण अखाड़ा परिषद कर सकती है। उल्लेखनीय है कि सिंहस्थ जैसे बड़े आयोजनों में संत और साधु समुदायों का जमावड़ा रहता है ऐसे में कई संत यहां डेरा डाले रहते हैं। इस दौरान कुछ संतों द्वारा खुद को शंकराचार्य बता दिया जाता है। ऐसे में करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था आहत होती है।

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