G-20 में बताया चीन को विकास का पहिया

इस्तांबुल : तुर्की की राजधानी अंकारा में जी20 देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की शुक्रवार और शनिवार को चल रही बैठक के बीच अर्थशास्त्री चीन की अर्थव्यवस्था को लेकर आशा से लबरेज लगे। तुर्की के एक अर्थशास्त्री उफुक सानली ने कहा, "चीनी लोगों में प्रबल राष्ट्रवाद है और वे घनघोर परिश्रम करते हैं। इसलिए मुझे विश्वास है कि चीन वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण कारक बना रहेगा।" उन्होंने कहा, "चीन विकास का पहिया है। यह वैश्विक अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण कारक है। आगे देखना यह है कि चीन अपनी विकास दर को कैसे बरकरार रख पाता है।"

युआन के अवमूल्यन के बारे में उफुक ने कहा कि इससे यूरोपीय संघ जैसे विकसित देशों पर अधिक प्रभाव नहीं पड़ेगा। उलटे, उनके लिए यह एक अच्छी खबर है, क्योंकि उनका खर्च घट जाएगा और चीन का व्यापार बढ़ जाएगा। अर्थशास्त्री उमित एके ने कहा कि चीन की विकास दर घटना सिर्फ चीन की समस्या नहीं है। अभी वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए प्रमुख चुनौती यह है कि कंपनियों की लाभ कमाने की क्षमता कैसे बढ़ाई जा सके।

बकेसेहिर विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्री कगड़ास सिरिन ने कहा कि चीन निर्यात का वैश्विक अगुआ है। इसलिए चीन में कुछ होगा, तो निश्चित रूप से पूरी दुनिया प्रभावित होगी। सिरिन ने कहा कि चीन निर्यात आधारित विकास मॉडल को जारी नहीं रख सकता है और उसे घरेलू मांग बढ़ाने के लिए कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा, "यदि चीन विकास मॉडल को सफलतापूर्वक बदल लेता है, तो चीन एक विशाल खपत आधारित अर्थव्यवस्था भी बन सकता है। यह विकासशील देशों के लिए एक बड़ा अवसर होगा।"(आईएएनएस)

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