इम्तियाज अली के वो डायलॉग जिन्होंने फिल्मों में लगाए चार चाँद

Jun 17 2021 10:32 AM
इम्तियाज अली के वो डायलॉग जिन्होंने फिल्मों में लगाए चार चाँद

सिनेमा उद्योग में कुछ अविश्वसनीय व्यक्तित्व हैं जो लोगों का ध्यान से खींचते हैं। ऐसे ही एक डायरेक्टर हैं इम्तियाज अली। वह अपने दर्शकों को पूरी तरह से समझते हैं, उनका काम उनकी आकर्षक कहानियों से दिल को छू जाता है।  यहां हम इम्तियाज अली की फिल्मों के कुछ विचारोत्तेजक संवादों के साथ हैं...

फिल्म- सोचा ना था
डायलॉग:- समाज, मज़हब, सब अपनी जगह है...लेकिन प्यार सबसे ऊपर है।

फिल्म- हाईवे
डायलॉग:- जहां से तुम मुझे लाए हो मैं वापस नहीं जाना चाहती। जहा भी ले जा रहे हो वहां पहुंचना नहीं चाहती. पर ये रास्ता बहुत अच्छा हैं, मैं चाहती हूँ ये रास्ता कभी खत्म न हो.

फिल्म- तमाशा
डायलॉग:- तू वही है जो सुबह उठके ऑफिस जाता है और शाम को घर आता हैं। बॉस की डाट खाता है और किसीको नहीं बताता है।

फिल्म- लव आज कल
डायलॉग:- जाने से पहले एक आखरी बार मिलना ज़रूरी क्यों होता है? मनुष्य कभी संतुष्ट नहीं होता है, और जब किसी प्रियजन को अलविदा कहने की बात आती है, तो उसके लिए इतना समय पर्याप्त नहीं होता है।

फिल्म- जब वी मेट
डायलॉग:- जब कोई प्यार में होता है तो कोई सही गलत नहीं होता है

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