मुद्रा कोष ने किया मोदी के नोट बन्द करने के प्रयास का समर्थन

मुम्बई - एक ओर जहाँ देश में पीएम मोदी द्वारा 8 नवम्बर को 500 और 1000 के पुराने नोट बन्द करने से आम आदमी थोड़ी सी परेशानी के बावजूद खुश हैं, लेकिन विपक्ष व्यर्थ में इस विषय को मुद्दा बना रहा है, वहीँ अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष संस्था आईएमएफ मुद्रा नियंत्रण उपायों के जरिये भ्रष्टाचार से लड़ने के भारत के प्रयासों का समर्थन कर रहा है.आईएमएफ के बयान में इसकी समर्थन कर अर्थव्यवस्था में न्यूनतम गतिरोध का ख्याल रखने की सलाह भी दी गई.

इस बारे में आईएमएफ के प्रवक्ता गेरी राइस ने यहां संवाददाताओं से कहा कि हम भारत में भ्रष्टाचार और अवैध वित्तीय प्रवाह से लड़ने के लिए घोषित उपायों का समर्थन करते हैं. इसके साथ ही भारत की अर्थव्यवस्था में प्रतिदिन के लेनदेन में नकदी की भूमिका को देखते हुए एक मुद्रा से दूसरी मुद्रा की ओर रख करने में सावधानी बरतने पर भी जोर दिया गया.

उल्लेखनीय है कि व्यापक भ्रष्टाचार और कर चोरी से निपटने के लिए चौंकाने वाले कदम के रूप में 500 रुपये और 1,000 रुपये के पुराने नोटों को चलन से बाहर करने के सरकार के मंगलवार के निर्णय के बाद पहली बार गुरुवार को भारतीय बैंक दोबारा खुले.जहां नोट बदलवाने के लिए लोगों की भीड़ लग गई. वही आज से एटीएम से नए और खुल्ले नोट मिलने लगे.हालांकि कई एटीएम में नोट नहीं मिलने की भी शिकायत मिली.

मोदी के इस निर्णय को वर्ल्ड बैंक और IMF ने भी सराहा

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