दिव्यांगो को दान दोगे तो मिलेगा महापुण्य

दिव्यांगो को दान दोगे  तो मिलेगा महापुण्य

दान करने से व्यक्ति की कई समस्या का अंत होता है हिन्दू शास्त्रों में दान का बहुत महत्व है शास्त्रों के अनुसार अलग-अलग चीजों का दान करने से अलग – अलग फल की प्राप्ति होती है किन्तु किसी चीज का दान करते समय व्यक्ति को कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए और दान करने के नियमो का पालन करना चाहिए. आइये जानते है की दान करते समय व्यक्ति को किन नियमों का पालन करना चाहिए.
दान करने के नियम 

1 अपनों की सहमती – जब कोई व्यक्ति अपने परिवार के सदस्यों की सहमती के बिना उन्हें दुखी करके दान करता है तो उस किये गए दान का पुण्य शून्य होता है इसलिए व्यक्ति को हमेशा अपनों की सहमती से दान करना चाहिए.

2 जरुरतमंदों को करें दान – दान हमेशा किसी जरूरतमंद व्यक्ति को ही करना चाहिए यदि आप किसी जरूरतमंद को उसके घर पर जाकर उसकी जरुरत की चीज का दान करते है तो वह दान उत्तम कहलाता है और उसका फल आपको अवश्य मिलता है.

3 किसी को दान करते समय नहीं रोकें – जब कोई व्यक्ति ब्राम्हण, गाय, और किसी बीमार व्यक्ति को कुछ दान करता है तो उसे दान करते समय कभी नहीं रोकना चाहिए क्योकि ऐसा करना पाप माना जाता है.

4 इन चीजों का दान – व्यक्ति को कुश, तिल, जल, चावल आदि चीजों का दान इन्हें अपने हाथ में लेकर करना चाहिए यदि आप ऐसा नहीं करते तो यह दान असुर को प्राप्त होता है.

5 16 चीजों का दान – चांदी, सोना, रत्न, गाय, हाथी, घोड़ा, कन्या, विद्या, तिल, वस्त्र, शय्या, भूमि, अत्र, दूध, छत्र, आदि 16 चीजों का दान महादान कहलाता है इस दान से व्यक्ति को अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है और उसके पिछले कई जन्म के पाप भी समाप्त होते है.

6 दिव्यांगो को दिया गया दान –जो व्यक्ति शारीरिक रूप से विकलांग होते है जैसे- अंधे, गूंगे, अपंग आदि को किया गया दान महान पुण्य की प्राप्ति कराता है.

 

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