पहल : बच्चों को पढ़ाने के लिए IAS की नौकरी से दे दिया इस्तीफा

Jan 09 2016 12:00 PM
पहल : बच्चों को पढ़ाने के लिए IAS की नौकरी से दे दिया इस्तीफा

जबलपुर : राजस्थान के रोमन सैनी ने दो साल बाद ही आईएएस की नौकरी से पद त्याग दिया। उन्होने ट्रेनिंग के दौरान ही इस्तीफा दे दिया। वो भी सिर्फ इसलिए क्यों कि उन्हें दिल्ली के गरीब व मध्यमवर्गीय बच्चों को पढ़ाना था। जब वो मध्य प्रदेश के जबलपुर में सहायक कलेक्टर थे, तभी उन्होने पद छोड़ दिया। कहा जा रहा है कि सैनी ने युवाओं को सिविल सेवा में पढ़ाने व सफलता दिलाने के लिए ऐसा कदम उठाया।

जबलपुर के कलेक्टर ने इस बात की पुष्टि की, कि सैनी ने इस्तीफा दे दिया है। सैनी 2014 बैच के आईएएस अधिकारी है, जिनकी उम्र महज 23 साल है। सैनी बेहद होनहार विद्दार्थी है, उन्होने मात्र 16 साल की उम्र में एम्स का इंट्रेंस टेस्ट पास कर लिया था, जहां उन्हें 18वां रैंक मिला था। इसके बाद सैनी ने आईएएस में भी हाथ आजमाया और परीक्षा में बैठ गए। पहली बार में ही उनका चयन हो गया।

बता दें कि उनके पिता इंजीनियर और मां गृहिणी है। सैनी की पदस्थापना जून 2015 में जबलपुर में सहायक कलेक्टर के रूप में हुई। सूत्रों के मुताबिक, मात्र चार माह ही सर्विस कर पाए और दिल्ली चले गए। सितंबर में इस्तीफा भेज दिया, जो जनवरी के पहले सप्ताह में मंजूर हो गया। बच्चों को पढ़ाने के लिए उन्होने अन एकेटमी की शुरुआत की। इसकी शुरुआत 2011 में एक यू ट्यूब चैनल के रुप में हुई। उनकी इस पहल को सलाम करने के लिए पीएमओ ऑफिस ने उन्हें 16 जनवरी से शुरु होने वाले स्टार्ट अप इंडिया में आने का न्योता दिया है।

सैनी और उनके दोस्त गौरव को यह आइडिया तब आया जब वो 11 वीं क्लास में थे। सैनी ने जहां इस काम के लिए आईएएस की नौकरी छोड़ दी तो वहीं उनके दोस्त गौरव ने रियल इस्टेट कंपनी फ्लैटचैट के सीईओ का पद छोड़ दिया। इनके अलावा दो और दोस्तों के साथ मिलकर इन्होने इस नए प्लेटफॉर्म की शुरुआत की। जहां अब तक करीब 10 लाख से भी अधिक वीडियो जारी किए जा चुके है, जिससे 5 लाख से भी ज्यादा बच्चों को फायदा हुआ है। इनके साथ अब तक 25 एजुकेटर्स भी जुड़ चुके है।