कसाई बनते-बनते धर्म गुरु बन गए पोप फ्रांसिस

वैटिकन सिटी : सभी बचपन में बड़े होकर कुछ न कुछ बनने का ख्वाब देखते है। दुनिया की सबसे अधिक आबादी वाले धर्म इसाई धर्म के गुरु पोप फ्रांसिस ने भी बचपन में कुछ बनने का सपना देखा था, जिसे सुन यकीनन आप चौंक उठेंगे। वो बचपन में कसाई बनना चाहते थे। पोप ने स्वंय कहा कि बचपन में उनका सपना यही था कि वो बड़े होकर कसाई बने।

पोप ने इसके पीछे का कारण भी बताया। उन्होने कहा कि अक्सर जब मैं अपनी मां और दादी के साथ बाजार जाता था, तो वहां कसाइयों को अपना काम करते देखता था। पोप ने कहा कि बचपन में ये मेरे लिए बहुत रोमांचक करने वाला था, लेकिन बाद में इरादा बदल गया। पोप ने वेटिकन सिटी में यह खुलासा किया, जहां बच्चों का गाना बजाने वालों के एक सदस्य ने उनसे सवाल पूछा था।

पोप ने कहा कसाई अपनी चाकू का इस्तेमाल एक कला की तरह करता है, जिसकी बचपन में मैं बहुत प्रशंसा करता था। नए साल के मौके पर पोप ने दुनियाभर की मीडिया से आग्रह किया कि वो नाकारात्मक की दगह सकारात्मक खबरों को तवज्जो दे।

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