मात्र 15 सेकेंड थे मेरे पास, विमान में सवार लोगों को बचाने के लिएः एयर एंबुलेंस हादसा

नई दिल्ली : पटना से दिल्ली आ रही एयर एंबुलेंस की हुई इमरजेंसी लैंडिंग के संबंध में कैप्टन अमित कुमार ने कहा कि मेरे पास सोचने के लिए केवल 15 सेकेंड थे। नजफगढ़ के पास एयरप्लेन हादसे का शिकार हो गई थी। कल दोपहर 2.45 बजे एक खेत में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई।

मूल रुप से झज्जर के रहने वाले अमित ने बताया कि पटना एयरपोर्ट से प्लेन मंगलवार की सुबह 11.43 में रवाना हुई। जब हम आईजीआई एयरपोर्ट के रन-वे 28-10 से महज दस मिनट की दूरी पर थे, तभी करीब 12 हजार फीट की ऊंचाई पर एयर एम्बुलेंस के एक इंजन ने काम करना बंद कर दिया।

मैंने प्लेन की ऊंचाई कम करते हुए दिल्ली एयरपोर्ट के एयर ट्रैफिक कंट्रोल से इमरजेंसी लैंडिंग की मांग की, लेकिन इस प्रोसेस में समय लगता है। हम करीब तीन हजार फीट की ऊंचाई पर पहुंचे ही थे कि प्लेन के दूसरे इंजन ने भी काम करना बंद कर दिया। रन-वे अब हमसे महज 5 मिनट की दूरी पर था।

उन्होने बताया कि दोनों इंजऩ बंद होने के बाद हम रनवे पर लैंडिंग के बारे में सोचट भी नहीं सकते थे। मुझे डर था कि विमान एय़रपोर्ट के रिहायशी इलाके में न गिरे। यदि ऐसा होता तो हमारे साथ-साथ कई और जानें भी जाती। मैंने सभी को बताया कि हम खाली जगह पर इमरजेंसी लैंडिंग कर रहे है।

मेरे दिमाग में तब नजफगढ़ के खाली जमीनों का ख्याल आया। कुछ दूर जाकर एंबुलेंस खुद ही रुक गई। सबको सुरक्षित देखकर जान में जान आई। अमित ने बताया कि तब मेरे दिमाग में दो बातें चल रही थी एक मेरी फैमिली और दूसरा विमान में सवार लोग। जब तक मैं घर नहीं पहुंच गया तब तक मेरे दोनों बच्चों, पत्नी और माता-पिता पर क्या बीती यह शब्दों में बयां कर पाना मुश्किल है। ये हादसा तो मैं कभी भूल नहीं पाऊंगा, लेकिन प्लेन उड़ाता रहूंगा।

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