ऐसे पाए शनिदेव का आशीर्वाद

भगवान श्री शनि देव न्याय के अधिपति कहे जाते हैं। भगवान कर्म फल प्रधान हैं इसलिए व्यक्ति अपने पूर्व जन्म और वर्तमान जन्म में जो कर्म करता है उसी के अनुरूप शनि देव उसे फल देते हैं। भगवान शनि देव को इसीलिए न्यायाधीश कहा गया है। दरअसल शनि देव सूर्य पुत्र हैं। सूर्य पुत्र होने के साथ ही भगवान शनि देव स्वयं प्रतापी हैं। हालांकि इनकी चाल बेहद धीमी है। ये एक राशि में ढाई वर्षों तक निवास करते हैं।

शनि की साढ़े साती जिस किसी भी राशि में होती है उस राशि का जातक शनि पीड़ा या भगवान शनि की कृपा का फल भोगता है। भगवान शनि देव का पूजन बेहद सरल है। भगवान का पूजन करने के लिए शनिवार के दिन यदि आप काला कपड़ा, काली उड़द, काले तिल, तेल, जौ आदि लेकर भगवान शनि देव की प्रतिमा पर अर्पित करते हैं तो आपको शनि पीड़ा से राहत मिलती है।

यही नहीं कोयलों को शनिवार के लिद किसी नदी में बहा दे तो आपको राहत मिलती है। सबसे अच्छा होगा शनिवार के दिन आप जरूरत मंद को भोजन करवाऐं, सर्दियों के दिनों में आप गरीब को शनिवार के दिन काला कंबल या काली शाॅल तक दान दे सकते हैं। काले वस्त्रों का दान भी आपके लिए हितकर हो सकता है। भगवान शनिदेव को तेल अर्पित करें। शनि मंदिर में आप शनिवार को दर्शन करें।

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