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शौचालय निर्माण ने बदला भारत में गंदा और प्रदूषित स्थानों का नक्शा

Nov 17 2019 12:06 AM
शौचालय निर्माण ने बदला भारत में गंदा और प्रदूषित स्थानों का नक्शा

भारत में बढ़ती गंदगी को देखते हुए तत्कालिक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने साल 2014 में स्वच्छ भारत अभियान की शुरूआत की, इस ​अभियान का उद्देश्य गांधी जी के पदचिन्हों पर चलकर भारतवासियों को अपने आसपास के वातावरण को साफ रखने के लिए प्रेरित करना था. इस पूरे अभियान का सकारात्मक परिणाम देशभर में देखने को मिला. जो तब से अब तक जारी है.

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शौचालय ने कैसे जीवन को बनाया आसान 

शहर के अलावा गांवों में लोगो को खुले में शौच करनी की आदत पड़ गई थी. ​जिसे स्वच्छ भारत अभियान ने कम करने में मदद की है. लोगो ने खुले में शौच करने को नकारते हुए अपने घरों में शौचालय बनाना प्रारंभ कर दिया. शौचालय निर्माण के काम में सरकार ने अपनी और से सहायता रा​शि प्रदान करके लोगो को घरों में शौचालय बनाने के लिए प्रोत्साहित किया है. घरों में शौचालय उपलब्ध होने से महिलाओं को खुले में जाना नही पड़ता. जो महिलाओं को सुखद अनुभव देता है.

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शौचालय के निर्माण ने बड़ी मात्रा में गंदगी को कम किया है. पहले के मुकाबले शौचालय की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई, जिससे लोगो किसी भी स्थान पर बड़ी आसानी से शौचालय उपलब्ध हो जाते है. इस सुविधा की वजह से खुले में शौच करने वाले लोगो की संख्या में भारी कमी आई है. शहरों में पर्याप्त मात्रा में शौचालय उपलब्ध होने की वजह से इधर उधर पेशाब करने वाले लोग शौचालय का उपयोग करने लगे. इस बदलाव ने गंदगी के प्रति लोगो के मन में जागरूकता फैला दी है, जो इस पूरे अभियान की सफलता को दर्शाता है. जिस प्रकार लोगो शौचालय का उपयोग न करते हुए, कही भी गंदगी फैलाने का काम करते थे. उसमें कमी आई है. शौचालय का निर्माण आज भी जारी है ​ताकि आने वाले समय में फिजुल की गंदगी से पूरी तरह निजात पाई जा सके.

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