प्राइवेट पार्ट की साइज से सेक्स में कितना प्रभाव पड़ता है

प्राइवेट पार्ट की साइज से सेक्स में कितना प्रभाव पड़ता है

सेक्स लाइफ को एन्जॉय करने  के लिए हर मर्द को अपने प्राइवेट पार्ट के बारे में ज्यादा ख्याल रखना पड़ता है. अक्सर मर्द में अपने प्राइवेट पार्ट की लम्बाई और भी इससे जुड़ी कई बातों से जुड़ी जिज्ञासाएं होती हैं. जिनका वो सही उत्तर जानना चाहते हैं पर वो अपनी यह बात किसके साथ शेयर करें. कुछ मर्दों अपने लिंग के सिकुड़ें से कई तरह  की भ्रांतियां बना लेते हैं. 

दरअसल टेंशन में मर्दों का लिंग सही तरह से एक्टिव नहीं हो पता है. उस वक्त प्राइवेट पार्ट में कुछ वक्त के लिए खून कम हो जाता है और ऐसा महसूस होता है कि इसका साइज घट गया है. जैसी आप तनाव-मुक्त हो जाएंगे तो फिर से प्राइवेट पार्ट सामान्य स्थिति आ जाएगा. अगर हम सीधे शब्दों में कहें तनाव में आपके लिंग तक खून सही नहीं पहुंचता है इस वजह से वह सिकुड़ जाता है और आपको यह महसूस होता है कि आपके लिंग की लम्बाई कम हो गई है.  

तनाव से जैसे ही आप फ्री होते हैं तो वह फिर से अपनी नॉर्मल साइज का हो जाता है. सच तो यह है कि एक ही अवस्था में चिंतित और उत्तेजित होना नामुमकिन है. सच तो यह है कि सुसुप्त अवस्था में पुरुष के प्राइवेट पार्ट के साइज की कोई अहमियत नहीं है क्योंकि वह सिर्फ पेशाब करने के ही काम आता है. और हां, आपको बता दें कि उत्तेजित अवस्था में साइज का महत्व जरूर है. दो इंच से 4 इंच तक की लम्बाई का लिंग आपको अपने पार्टनर के साथ सहवास का आनंद लेने के लिए पर्याप्त होता है.

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