आखिर कश्मीर में आतंकियों के पास कैसे पहुंची पाकिस्तानी शाहीन पिस्तौल ?

जम्मू: कश्मीर घाटी में आतंकियों के पास पाकिस्तानी शाहीन पिस्तौल व साइलेंसर की खेप पहुंचने के सोर्स हैं। श्रीनगर में लक्षित क़त्ल में शामिल द रजिस्टेंस फ्रंट (TRF) तथा अंसार  गजवातुल हिंद (AGH) के मॉड्यूल के भंडाफोड़ के बीच भी वीरवार को आतंकियों के पास से मिले पिस्तौल शाहीन कही जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां अब इस खेप के पहुंचने के रास्ते तथा स्रोत को खंगालने में लगी हुई है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हथियार जम्मू के रास्ते दाखिल हुए या फिर सीमापार से जम्मू-कश्मीर की हद में पहुंचाने का काम किया जा रहा है।

इतना ही नहीं सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े सूत्रों का बोलना है कि शाहीन पिस्तौल एके 47 की ही तरह बर्स्ट फायर करती है। जिसमे 17 गोलियों की मैगजीन का उपयोग भी किया जाता है। नजदीक से लक्ष्य को टारगेट बनाने में भी सफल होती है। इसे रखना और उपयोग करना आसान है। साइलेंसर लगने के उपरांत पिस्तौल और घातक हो जाती है। इसकी आवाज भी दूर तक नहीं जाती।

इस बारें में पुलिस के एक अधिकारी ने कहा है कि अधिकतर हाइब्रिड आतंकियों को पिस्तौल की खेप दी गई थी। बीते  दिनों हुई लक्षित क़त्ल में हाइब्रिड आतंकियों ने पिस्तौल का ही उपयोग  किया था। कई हाइब्रिड आतंकी व OGW वर्कर पिस्तौल के साथ पकड़े जा चुके है। बीते वर्ष 40 से ज्यादा पिस्तौल बरामद की जा चुकी हैं। पाकिस्तानी शाहीन पिस्तौल के बारे में बोला गया है कि सुरक्षा कारणों से विस्तार से यह बताना उचित नहीं होगा कि किस तरह का हथियार है।

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