नयी बहु ससुराल में ऐसे जीते दिल

नयी बहु ससुराल में ऐसे जीते दिल

स्त्री के जीवन में विवाह एक बहुत बड़ा निर्णय है | अमूमन बचपन से हर लड़की शादी के लिये सपने संजोती है| हमारा समाज भी बचपन से स्त्री को पराये घर जाने के लिये मानसिक तौर पर तैयार करता है| पर जैसे जैसे विवाह की तारीख पास आती है लड़की के मन के ससुराल और आने वाले भविष्य की कई आशंकाऐ भी उभरने लगती है | भविष्य की इसी उदेहड़बुन के कारण विवाह के पहले कई लडकिया तनाव में आ जाती है| आज इसी सिलसिले में जानेगे की नव विवाहिता अपनी नयी ससुराल में कैसे व्यवहार करे| 

नयी बहु ससुराल में ऐसे करे एडजस्ट :- 

1 आप मानसिक रूप से तैयार हो जाये कि अब यही आपका घर और परिवार है और यहीं आपको अपना जीवन हंसी खुशी बिताना है । 

2 खुश रहें और ससुराल में मिले नये रिश्तों (ननद, भाभी, बुआ, सास, देवर, देवरानी,जेठानी आदि) का आनंद उठायें ।

3 एक बात ध्यान रखे प्रेम ,समर्पण, और व्यवहारिकता से आप बड़े से बड़े परेशानियों का भी आसान समाधान कर सकती है | धैर्य के साथ इस गुण का विकास करे | गृहस्ती में ये गुण आपकी बिगड़ी किस्मत बना देगा|

4 हर रिश्ता अपने आप में विशिष्ट होता है, उनकी एक दूसरे से तुलना न करे , इस मानसिकता से बहार निकले की मुझे तो केवल अपने पति की ख़ुशी से मतलब है |

5 अपनी एक आदत बना लें की पहले पूरी बात ध्यान से सुने फिर नपेतुले शब्द में अपनी बात रखे , व्यर्थ के तर्क में न उलझे | ये आदत आपको ज़िन्दगी भर सुखी रखेगी |

6 मायके और ससुराल में तुलना न करे किसी के व्यवहार को उसकी आर्थिक हैसियत से न तोले, रिश्तों में प्रेम और विश्वास बना रहे इस बात पर ज़्यादा ध्यान दें 

 7 शुरूआत के कुछ दिन रस्मों रिवाज में बीत जाते हैं । मायके में आपको इनकी झलक मिली होगी परिवार में हुयी शादियों में । ये रस्मों रिवाज हमारे समाज और संस्कृती का हिस्सा हैं । खुशियों के पल भी इनमें छिपे रहते हैं ।

8 नई बहू का पहला इम्तिहान किचन में होता है । इसके लियेे जो अपकी फेवरेट रेसिपी हो वहीं आजमाईये । 

9 पति को समझने में काफी समय लग जाता है । उनकी आदतें, दिनचर्या, व्यवहार, पसंद-नापसंद, आदि । उनके साथ बातचीत में उनके बारे में धीरे धीरे सब कुछ जानना चाहिये और ससुराल और पति की दिनचर्या में ढलने का प्रयास करना चाहिये ।

10 आपको अपनी दिनचर्या ससुराल के हिसाब एडजस्ट करनी चाहिये ।कुछ दिनों के अंदर आपका ससुराल के सभी सदस्यों से परिचय हो चुका होगा । घर के सदस्यों के बारे में बहुत जल्दी में कोई नकारात्मक राय न कायम करें ।

11 एक बात की गाँठ बाँध लें की प्रेम और अहंकार एक साथ नहीं रहते, अपनी प्राथमिकता पहले ही तय कर लें आपको क्या चाहिये प्यार या फिर आप अपने अहंकार के साथ जीना चाहती है |

12  ससुराल में  पति या अन्य को कोइ सुझाव देना हो तो विनम्रता के साथ देना चाहिये।

13 ससुराल में कान की कच्ची न रहे, कही सुनी बात पर बिना प्रामाणिक आधार के विश्वास करना और अपने मन में किसीके प्रति दुर्भाव रखना मूर्खता है |

14 अगर कहीं घूमने का प्लान हो तो वापसी में घर वालों के लिये उनकी पसंद के हिसाब से तोेहफे ले जाने चाहिये । जरूरी नहीं है कि तोहफे मंहगे हों ।

15 हर घर के अपने नियम कायदे होते हैं । नई बहू को उन्हीं नियमों के हिसाब से खुद को ढालना होता है ।

16 सेक्स वैवाहिक जीवन का एक अहम हिस्सा होता है । इसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिये । अगर किसी परेशानी में है तो बेहिचक डॉक्टर या काउंसलर से मिलें ।

17 विवाह के बाद पति के मम्मी पापा आपके भी मम्मी पापा होते हैं । इनके साथ आपको लंबा समय बिताना है इसलिये रिश्तों में मधुरता और प्रेम बनाये रखना चाहिये । अपनी तरफ से कोइ ऐसा काम न करें जिससे उन्हें ठेस लगे । 

18 घर के सभी सदस्यों की पसंद नापसंद, उनकी हॉबी, विचार और क्वालिटी जानने का प्रयास करें ।

19 एक डायरी में सबके जन्मदिन, एनिवर्सरी इत्यादी नोट करके रखें और उस दिन उन्हें विश जरूर करें ।

20 जब तक न मांगी जाये अपनी राय न दे । राय दे भी तो विनम्रता के साथ ।

21 अगर घर में आपको कोई पसंद नहीं करता है या उससे आपकी नहीं बन रही है तो उससे अधिक न  उलझें  । याद रखिये क्रोधी पुरुष  को समाज स्वीकार कर लेता है पर क्रोधी महिला को वह नहीं पचा पाता  है.अगर किसी के साथ दिक्कत महसूस कर रही हैं तो अपने पति और सास ससुर को इसकी जानकारी दें ।

22 सास और बहू का रिश्ता कहीं कहीं तनावपूर्ण हो जाता है । यहॉं जनरेशनगैप की भी दिक्कत होती है । ऐसा होने पर जरूरी नहीं है कि आप भी पलट कर जवाब देने लगें । अगर किसी बात पर या आपकी गलती की वजह से कोई  नाराज है तो माफी मांगकर रिश्तों को फिर सामान्य करने में कोई बुराई नहीं है बशर्ते अपने स्वाभिमान को आहात किये बिना ये काम हो ।

23 अगर किसी ने आपका अपमान कर दिया है तो बदला लेने की भावना न पनपने दें, बल्कि अपनी व्यवहारिकता से अपनी बात रखे और उचित व्यवहार करे |

24 बड़ा निर्णय लेने के पहले पति, सास, ससुर और घर के बड़ों से राय सलाह जरूर करें ।

25 शादी के साल भर बाद आप बच्चा प्लान कर सकती हैं । एक साल बाद आप परिवार में एडजस्ट हो चुकी होंगी और नई जिम्मेदारियों के तैयार भी । फाइनेंशियल जरूरतों और उम्र को ध्यान में रखते हुये आप बच्चे की प्लानिंग कर सकती हैं । वैसे बच्चे 24 से 30 साल के बीच हो जाने चाहिये । ज्यादा उम्र के बाद बच्चा होने में चिकित्सकीय कठिनाईयॉं होती ती हैं । 

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