कबाड़ी वाले को रद्दी से मिले 1 लाख, मालिक को ढुंढ कर लौटाया

कबाड़ी वाले को रद्दी से मिले 1 लाख, मालिक को ढुंढ कर लौटाया

नई दिल्ली। कहते है गरीब अपने जीवन में अधिक ईमानदार होते है। राजस्थान की रहने वाली एक हाउस वाइफ शांति भादू ने जब घर के कबाड़ में पड़े अखबारों को बेचा तो साथ में एक लाख रुपए भी कबाड़ी वाले को गलती से दे दिए। हांला कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी। मामला राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले का है।

अच्छी बात ये है कि अगले ही दिन शांति भादू को यह रकम वापस मिल गई। सुरेंद्र और शंकर वर्मा नाम के दो कबाड़ी वाले घर-घर जाकर कबाड़ी खरीदने का काम करते है। शाम को जब दोनों पूरे दिन का माल इकठ्ठा कर गिनती कर रहे थे, तब उन्हें रद्दियों के ढेर में से 100- 500 के नोटों की गड्डियां मिली। शंकर ने बताया कि इसके बाद हमें पूरी रात नींद नहीं आई।

इन पैसों के मालिक का पता लगाने के लिए शंकर और सुरेंद्र ने सभी किताबों की जांच की। एक किताब में उन्हें शालू पूनिया नाम लिखा मिला। अगले ही दिन यह दोनों भाई उस सभी जगहों पर गए जहां से उन्होंने पिछले दिन माल खरीदा था। शालू शांति भादू की पोती का नाम था। भादू फैमिली को पता भी नहीं था कि उनके एक लाख रुपए कबाड़ी वाले के पास चले गए है।

शांति भादू के पति ने कहा कि उन्होने ये पैसे किसी से उधार लिए थे औऱ सुरक्षा के लिहाज से छुपा दिया था। लेकिन मुझे पता नही था कि मेरी पत्नी उसे बेच देगी। कबाड़ी भाइयों की तारीफ करते हुए उन्होने कहा कि मुझे समझ नहीं आ रहा इनका धन्यवाद किस तरह करूं। वह मेरे लिए एक फरिश्ते की तरह हैं।