हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में महामारी के कारण हो रहा करोड़ों का नुकसान

महामारी ने अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को सील कर दिया, आतिथ्य क्षेत्र ने महामारी के दौरान एक बड़ी हिट ली है। होटल अभी भी खाली हैं और तमिलनाडु राज्य भर में रहने का स्तर बमुश्किल 10 फीसदी है। चेन्नई शहर में यह 35 फीसदी के साथ थोड़ा बेहतर है। तमिलनाडु हॉस्पिटैलिटी एसोसिएशन के अध्यक्ष एम. वेंकदासुब्बू ने कहा कि तमिलनाडु हॉस्पिटैलिटी सेक्टर साल के अंत तक 8,000 करोड़ रुपये के नुकसान पर पहुंच चुका है।

भले ही कुछ लोग देश के भीतर यात्रा कर रहे हों लेकिन कोरोना का डर उन्हें होटल्स से दूर रखे हुए है। इसके कारण, होटल लगभग 50% छूट प्रदान कर रहे है। जिसमे केवल शादियां ही शादिया है और इनमे कई सारे प्रतिबन्ध भी शामिल है। जंहा इस बारें में वेंकदासुब्बू कहते हैं, "केवल 100 व्यक्तियों को ही समारोह में भाग लेने की अनुमति है।" नटराजन, सीईओ, जीआरटी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स और साउथ इंडिया होटल्स एंड रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन (SIHRA) के सचिव का कहना है कि ज्यादातर दिन रेस्तरां की मेजें लगभग खाली रहती हैं।

नटराजन कहते हैं "सरकार को होटलों के लिए जीएसटी को घटाकर 8 फीसदी करना चाहिए।" वेंकदासुब्बू कहते हैं "40 प्रतिशत नटराजन का दावा है कि टूर ऑपरेटरों और एजेंटों के लिए जीवन बदतर है और कुछ ने जीवित रहने के लिए सब्जियों का व्यापार शुरू कर दिया है।

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