होली पर ना रहे अपने घरों में बंद, रंग भरे त्यौहार का उठायें आंनद

होली रंगो का त्यौहार है आमतौर पर होली मिलने-जुलने और एक दूसरे के साथ उत्सवों के रंग में बांधने का भी त्यौहार है. परन्तु समय के साथ हर त्यौहार में कही ना कही बदलाव हुआ है. वही होली के त्यौहार में भी बदलाव नजर आया है. आज के समय में होली के त्यौहार पर तरह-तरह की बातें की जाती है. जिसमें सबसे ज्यादा बात पानी बचाने पर ही होती है. ऐसा नहीं है की होली पर पानी नहीं बचाना चाहिए पर हमे इसके साथ त्यौहार का भी भरपूर आंनद लेना चाहिए।

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जैसा की हम सभी जानते है समय के साथ-साथ हर चीज में बदलाव जरुरी है बस वैसा ही बदलाव अब त्यौहारों में भी अब नजर आने लगा है. जंहा एक समय में होली नाचने-गाने, खाने-पीने और घूमने-फिरने का त्यौहार हुआ करता था. परन्तु आज के समय में होली पर हुड़दंगता ने भी अपनी जगह बना ली है. आज हम बच्चों और महिलाओं को सेफ जोन में रखने के चलते कही ना कही होली जैसे त्योहारों से भी उन्हें दूर करते जा रहे है. परन्तु ये कही ना कही परम्पराओं के लिए भी घातक है.      

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पिछले कुछ सालों से हर होली के त्यौहार पर सामान्य रूप से पानी बचाने की बात की जाती है. और यह कही ना कही सही भी है परन्तु क्या हम एक दिन पानी बचा कर पानी के स्तर में बढ़ोतरी कर सकते है. हम सिर्फ होली पर पानी बचाने और उसे ना बहाने की बात करते है और साल भर पानी बहाते रहते है इससे सबसे ज्यादा असर हमारी उन जीवंत परम्पराओं पर पड़ता है जो होली जैसे त्यौहारों के कारण आज भी ज़िंदा है. इसलिए हम सभी इस बार होली का त्यौहार बड़ी धूम-धाम से मनायें और परम्पराओं को आगे बढ़ाये। 

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