ठाणे लोकसभा सीट: शिवसेना का है गढ़, एनसीपी से मिलेगी कड़ी टक्कर

ठाणे लोकसभा सीट: शिवसेना का है गढ़, एनसीपी से मिलेगी कड़ी टक्कर

ठाणे: 2019 लोकसभा चुनाव के चौथे चरण के मतदान के तहत महाराष्‍ट्र की 17 लोकसभा सीटों पर 29 अप्रैल को वोट डाले जाने हैं. यहां की ठाणे लोकसभा सीट शिवसेना का अभेध किला रही है. वर्तमान समय भी यहां से शिवसेना के कब्जे में है. यहां से राजन विचारे मौजूदा सांसद हैं. इस बार यहां नेशनल कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) से शिवसेना को टक्‍कर मिलने के आसार हैं. एनसीपी ने यहां से आनंद परांजपे को चुनावी संग्राम में उतारा है.

2008 के परिसीमन के बाद महाराष्‍ट्र की ठाणे लोकसभा सीट के तहत 6 विधानसभा आती हैं. इनमें मीरा भायांदर, कोपरी-पचपाखड़ी, ओवाला-माजीवाड़ा, ठाणे, एरोली और बेलापुर सीटें का नाम शामिल हैं. इनमें से मीरा भायांदर, ठाणे और बेलापुर सीट भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पास है. कोपरी-पचपाखड़ी और ओवाला-माजीवाड़ा पर शिवसेना के विधयक हैं. ऐरोली विधानसभा सीट एनसीपी के पास है.

एक वक़्त ठाणे लोकसभा कोलाबा संसदीय क्षेत्र का भाग था. इसके बाद में स्वतंत्र ठाणे लोकसभा सीट बनी. उस वक़्त यहां 2 प्रत्याशी चुने जाते थे. शुरुआत में यहां समाजवादियों का वर्चस्व था, इसके बाद यहां कांग्रेस का दबदबा हुआ. इसके बाद निरंतर कई सालों तक भाजपा और शिवसेना का किला बना. 1984 में कांग्रेस के शांताराम घोलप, 1989 तथा 1991 में भाजपा के राम कापसे के बाद 1996 से 2004 तक शिवसेना के दिवंगत नेता प्रकाश परांजपे निरंतर चार बार निर्वाचित हुए थे.

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