सुल्तानपुर लोकसभा सीट: कौन होगा यहाँ का सुलतान, क्या भाजपा फिर खिला पाएगी कमल ?

सुल्तानपुर लोकसभा सीट: कौन होगा यहाँ का सुलतान, क्या भाजपा फिर खिला पाएगी कमल ?

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले की गिनती देश के प्राचीन शहरों में होती है. बताया जाता है कि भगवान राम के पुत्र कुश ने इस शहर को बसाया था और अपने नाम पर इसका नाम कुशपुर रखा था किंतु, मुगलों के अधीन होने के बाद इसका नाम सुल्तानपुर हो गया. ये लोकसभा सीट कभी कांग्रेस के कब्जे में थी, किन्तु अमेठी और रायबरेली की तरह कांग्रेस इस सीट पर करिश्मा नहीं कर सकी और ये सीट हाथ से फिसल गई.

सैम पित्रोदा का दावा, अगर राहुल पीएम बने तो देश में होंगी कई क्रांतियां

वर्ष 2014 के चुनावी रण में भाजपा के वरुण गांधी पर लोगों ने अपना भरोसा जताया और उन्हें अपनी प्रतिनिधि बनाकर संसद पहुंचाया. वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में सुल्तानपुर सीट पर 56.64 फीसद वोटिंग हुई थी. वर्ष 2014 में यहां भाजपा और बसपा के बीच कड़ी टक्कर रही. किन्तु, वरुण गांधी ने बसपा के पवन पाण्डेय को चुनावी समर में शिकस्त दी थी. वरुण गांधी ने बसपा प्रत्याशी को 1 लाख 78 हजार 902 वोटों से शिकस्त दी थी. वर्ष 1998 के बाद भाजपा इस सीट पर कमल खिलाने में सफल रही थी.

पीएम नरेंद्र मोदी: सुप्रीम कोर्ट ने दिखाई हरी झंडी, अब चुनाव आयोग और सेंसर को लेना है फैसला

सुल्तानपुर में पहली बार साल 1951 में बी.वी. केसकर यहां से पहले सांसद निर्वाचित हुए, कांग्रेस ने इस क्षेत्र में निरंतर 5 बार जीत दर्ज की. वर्ष  1977 में जनता पार्टी के जुलफिकुंरुल्ला कांग्रेस को मात देकर सांसद बने. हालांकि, इस सीट पर 1980 में कांग्रेस ने एक बार फिर वापसी करते हुए 1984 में जीत दर्ज की. वर्ष 1991 में भाजपा ने यहां अपनी जीत का खाता खोला और इसके बाद 3 बार लगातार भाजपा के नेता यहां से सांसद बने. किन्तु वर्ष 1999 में इस सीट से बसपा ने बाजी मारी और वर्ष 2004 में भी यह सीट बीएसपी के ही खाते में रही,  2009 में इसी सीट पर बड़ा उलटफेर हुआ और काफी समय के बाद यहां से कांग्रेस जीती और डॉ. संजय सिंह यहां से संसद पहुंचे, किन्तु वर्ष 2014 में ये सीट भाजपा के वरुण गाँधी ने उनसे छीन ली.

खबरें और भी:-

जो 6 महीने से चौकीदार को चोर कह रहे थे, उनके घरों से निकले बक्से भर के नोट - पीएम मोदी

प्रियंका के रोड शो में लगे मोदी-मोदी के नारे, भाजपा-कांग्रेस कार्यकर्ता आपस में भिड़े

इमरान के 'एहसास' से ख़त्म होगी पाकिस्तान की गरीबी, जानिए क्या है स्कीम