चीन से शुरू हुआ पतंग उड़ाने का चलन, जानें पतंगों का इतिहास

Jan 14 2020 02:12 AM
चीन से शुरू हुआ पतंग उड़ाने का चलन, जानें पतंगों का इतिहास

भारत देश में हर वर्ष कई प्रकार के त्योहार मनाए जाते हैं और इन त्योहारों की कई मानयताएं है. इन्हीं त्योहारों में से एक त्योहार है, पतंगों का त्योहार. जी हां, पतंगों के त्योहार को काफी उत्साह और जोश से पूरे भारत में मनाया जाता है. इस दिन काफी अलग-अलग किस्म की पतंगे आसमान में नजर आती है. इतना ही नहीं भारत में प्रत्येक वर्ष अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव को मनाया जाता है. आखिर क्या अहमियत है इस त्योहार की और किस तरह से मनाया जाता है ये त्योहार. इसके बारे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं.

भारत में मकर संक्रांति को अनेक नामों से भी जाना जाता है. इस त्योहार को कोलकता में पौष सांगक्रान्ति कहकर पुकारा जाता है. वहीं तमिलनाडु में इस त्योहार को पोंगल के नाम से कहा जाता है और गुजरात में इस त्योहार को उत्तरायण के नाम से जाना जाता है. इस त्योहार को बेशक कई नाम हैं मगर इस दिन हर कोई पतंग जरूर उड़ाता है और पवित्र नदियों में स्नान करते है. इतना ही नहीं पावन त्यौहार को गुजरात राज्य में पतंगबाजी का मुकाबला भी रखा जाता है और लोग कई तरह की पतंगें उड़ाने का आनंद लेते हैं. पतंगबाजी के मुकाबले को लोग दूर दूर से देखने को आते है . 

चीन से शुरू हुआ पतंग उड़ाने का ये चलन धीरे-धीरे पूरी दुनिया में फैलता गया और इस वक्त दुनिया के कई देशों में पतंग उड़ाई जाती है. इन देशों की सूची में भारत, अमेरिका, मलेशिया और जर्मनी जैसे देशों के नाम शामिल हैं. वहीं हर देश में अलग-अलग कारणों के चलते पतंग उत्सव मनाया जाता है. जैसी चिली देश में स्वतंत्रता दिवस के दौरान वहां के निवासी पतंग उड़ाकर अपना स्वतंत्रता दिवस मनाते हैं. वहीं जापान में भी पतंग बाजी उनके देवता को खुश करने के लिए हर साल मई के महीने में की जाती है. इसके अलावा अमेरिका में जून के महीने में पतंग से जुड़े कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. जिनमें वहां के लोग और बच्चे बढ़ चढकर भाग लेते हैं. भारत में भी स्वतंत्रता दिवस के दिन और मकर संक्रांति के दिन कई प्रकार की पतंगें आसमान में उड़ती हुई नजर आती है.