पाकिस्तान में है माता का 2000 साल प्राचीन शक्तिपीठ, यहाँ मुस्लिम करते हैं 'जगतजननी' की सेवा

Oct 23 2020 04:39 PM
पाकिस्तान में है माता का 2000 साल प्राचीन शक्तिपीठ, यहाँ मुस्लिम करते हैं 'जगतजननी' की सेवा

लाहौर: पूरे भारत में नवरात्रि में नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों को बड़ी उत्साह और उमंग के साथ पूजा जाता है. वैसे तो हमारे देश में मां के अनगिनत मंदिर हैं, जहां श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है, किन्तु मां का एक शक्तिपीठ पाकिस्तान में भी स्थित है। जहां नवरात्रि के नौ दिनों तक शक्ति की उपासना का ख़ास आयोजन किया जाता है. देश विदेश से श्रद्धालु यहाँ दर्शन के लिए आते हैं. पाकिस्तान में सिर्फ अजान ही नहीं बल्कि मातारानी के जयकारे भी सुनाई देते हैं. 

उल्लेखनीय है कि दुर्गा माता के पूरे देश में कुल 51 शक्तिपीठ हैं. 51 में से 42 भारत में हैं और बाकी 1 तिब्बत, 1 श्रीलंका, 2 नेपाल, 4 बांग्लादेश और एक पाकिस्तान में स्थित है.  51 में से एक शक्तिपीठ बलूचिस्तान प्रांत में मौजूद है. जहां महज दर्शन से ही सभी पापों का नाश हो जाता है. ये मंदिर ऊंचे पर्वतों की तलहटी में एक प्रकृतिक गुफा में स्थित है.  इतिहास में जिक्र है कि सुरम्य पहाड़ियों की तलहटी में स्थित यह गुफा मंदिर तक़रीबन 2000 साल प्राचीन है. यहां मनुष्य की बनाई हुई कोई प्रतीमा नहीं है बल्कि एक मिट्टी की वेदी बनी हुई है, जहां एक छोटे आकार की शिला को हिंगलाज माता के रूप में पूजा जाता है. 

यहां नवरात्रि के नौ दिनों तक शक्ति की उपासना के लिए खास आयोजन किया जाता है. जिसके लिए सिंध-कराची के लाखों सिंधी हिन्दू भक्त यहां माता के दर्शन के लिए आते हैं. भारत से भी प्रति वर्ष एक दल यहां दर्शन के लिए जाता है. वैसे तो पाकिस्तान के बलूचिस्तान में हिंगोल नदी के पास स्थित ये मंदिर हिन्दू भक्तों की आस्था का मुख्य केंद्र हैं. किन्तु इस शक्तिपीठ की देखभाल वहां के स्थानीय मुस्लिम समुदाय के लोग करते हैं. वे लोग इसे बेहद चमत्कारिक स्थान मानते हैं और इसे नानी का हज कहते हैं. 

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