हिंदी भाषा को महत्वपूर्ण बनाती हैं यह 5 श्रेष्ठ कवयित्रियों की रचनाएं

Sep 13 2018 04:33 PM
हिंदी भाषा को महत्वपूर्ण बनाती हैं यह 5 श्रेष्ठ कवयित्रियों की रचनाएं

हिंदी हमारी मातृभाषा है और इसे दुनिया में सबसे ज्यादा उपयोग में लिया जाता है. भारत में मातृभाषा को सबसे ज्यादा बोला जाता है क्योंकि यह बहुत ही सरल और अच्छी भाषा होती है. हिंदी भाषा अपने आपमें में समृद्ध है और इस भाषा को लोगों के दवारा खूब पसंद भी किया जाता है. हिंदी भाषा केवल हमारे लिए ही नहीं बल्कि उन कवियों, उन साहित्यकारों, उन सभी लोगों के लिए महत्वपूर्ण रही है जिन्होंने अपने काव्य की रचना, अपनी कविताओं की रचना, अपने साहित्य की रचना हिंदी में की है.

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दुनिया में ऐसे कई कवी, साहित्यकार और रचनाकार रहे हैं जिन्होंने हिंदी भाषा को महत्व देते हुए काव्यों और कविताओं की रचना की है जिसे पसंद भी किया गया और आज भी लोग उन्हें पढ़ते हैं. आप सभी ने भी बचपन में कई ऐसी हिंदी किताबों को पढ़ा होगा जहाँ कवियों ने हिंदी भाषाओं में अपनी कविताएँ लिखी हैं और उनके नाम भी आप सभी को बहुत अच्छे से याद होगा. हिंदी भाषा आज के समय में भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जो पहले हुआ करती थी. अब आज हम आपको उन महान कवियों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होंने हिन्दी-भाषी काव्य को अपनी रचनात्मकता के माध्यम से बयान किया है और उसे एक नया ही आयाम दिया है. आइए बताते हैं आपको उनके बारे में.

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उन सभी नामों में महादेवी वर्मा की रचना जब यह दीप थके तब आना शामिल है इनकी इस रचना को आज भी लोग पढ़कर नहीं थकते हैं.

अमृता प्रीतम की राजनीति और साथ ही प्रीतम की प्रेम कहानी भी प्रसिद्ध है जिसे लोग आज भी पढ़ना पसंद करते हैं.

सुभद्रा कुमारी चौहान की रचना 'परिचय' भी आज लोग पसंद करते हैं और यह काफी फेमस भी है.

पद्मा सचदेव की रचना 'ये रास्ता' भी काफी लोकप्रिय है और आज भी पसंद की जाती है.

निर्मला पुुतुल के डरा रचित रचना 'पुरुष से भिन्न एक स्त्री का एकांत' को लोग आज भी पढ़ना पसंद करते हैं.

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