सड़क ने बनाया गांव की महिलाओ को विधवा, मजबूरन करना पड़ रही है वेश्‍यावृत्‍ित

Sep 21 2015 04:12 PM
सड़क ने बनाया गांव की महिलाओ को विधवा, मजबूरन करना पड़ रही है वेश्‍यावृत्‍ित

महबूबनगर: तेलंगाना के महबूबनगर में एक चौंका देने वाला मामला सामने आया है सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक तेलंगाना में सरकार द्वारा बनाये गए राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 44 के लिए पेद्दाकुंता थांडा के पास बनाया गया बायपास गामीणो के लिए एक सिरदर्द बन गया है. व गांववालों के मुताबिक़ इस सड़क ने 2006 से अब तक 80 लोगो की जान ले चूका है. व इसके कारण गांव के 40 परिवारो में से एक भी पुरुष नही बच पाया है. व पेद्दाकुंता थांडा गांव में सिर्फ पुरुषो में सिर्फ एक छह साल का बच्चा ही है. यह पूरा गांव ही विधवाओं का गांव है, व गांववालों को ऐसी सर्विस रोड की आशा थी, जो की कम समय में सुरक्षित नंदीगाम तक पहुंचा सकें। नंदीगांव इस पंचायत का मुख्यालय है और थांडा गांव से करीब पांच किलोमीटर दूर है। व मृतकों में थांडा गांव का एक तीस साल का व्‍यक्‍ित पेद्दाकुंता है व 2 बांदा कुंता गांव के और अन्‍य व्‍यक्‍ित आस-पास के गांवों के रहने वाले थे व एक विधवा जिसका नाम नेनावथ पद्मा है जिसका पति भी इस सड़क हादसे का शिकार हो गया है उसने कहा की इस सड़क पर हर हफ्ते दो तीन हादसे होते ही रहते है. व गावं की ही एक और विधवा नेनावथ रुक्या कहती हैं कि यह सड़क शायद ईश्वर का दिया हुआ कोई श्राप है. 

कहा की इसके अलावा गांव के सभी पुरुष इसी सड़क पर हुए हादसों का शिकार हुए और क्या वजह हो सकती है. हमने तो कोई पाप नही किया है. व इस गांव में अब सिर्फ केवल विधवाए ही बची है व इनमे से ज्यादातर की उम्र 20 से 38 साल के बीच है. व पति के न रहने से आसपास के लोग इन महिलाओ के साथ जबरदस्ती की फ़िराक में रहते है. व इनमे से कुछ महिलाए तो मजबूरी में वेश्‍यावृत्‍ित करने पर विवश है इन महिलाओ ने कहा की पेट भरने के लिए कुछ न कुछ तो करना ही पड़ेगा. व जब सरकार को इस बात की जानकारी लगी तो सरकार ने गांव की विधवाओं को पेंशन देने का फैसला किया. व इन महिलाओ को हर महीने पेंशन के लिए नंदीगाम जाने के लिए इसी सड़क से गुजरना होता है जिससे कारण उनके पतियों की हादसों में मौत हो चुकी है. महिलाओ को दो बार इस बायपास को क्रास करना पड़ता है.