इलाहबाद हाईकोर्ट ने 1 लाख 75 हजार शिक्षामित्र टीचरों की नियुक्तियां रद्द की

इलाहाबाद. उत्तरप्रदेश में इलाहबाद हाईकोर्ट ने शनिवार को अपने एक फैसले के तहत एक लाख 75 हजार शिक्षामित्र टीचरों की अप्वाइंटमेंट को नकार दिया है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक उत्तर प्रदेश में करीब 2 लाख 32 हजार प्राइमरी स्कूल हैं। यहां टीचरों की कम संख्या को देखते हुए सरकार ने संविदा पर टीचरों को रखने की प्रक्रिया शुरू की। इन्हें शिक्षामित्र नाम दिया गया। प्रदेश के प्राइमरी स्कूलों में इनके रखने की प्रक्रिया शुरू की गई। व इलाहाबाद हाईकोर्ट में शनिवार को चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचुड़ की डिविजन बेंच ने ऑर्डर दिया की इनकी भर्ती अवैध रूप से हुई है व चूंकि ये टीईटी पास नहीं हैं, इसलि‍ए असिस्टेंट टीचर के पदों पर इनकी नियुक्ति नहीं की जा सकती है व इस मुद्दे पर पक्ष और विपक्ष के वकीलों की कई दिन तक दलीलें चली. 

तथा इसी के तहत शिक्षामित्रों की तरफ से वकीलों ने अदालत में कहा की हमे सरकार ने नियम बनाकर ही समायोजित करने का निर्णय लिया है. तथा यह निर्णय स्कूलों में टीचरों की कमी के कारण लिया गया था. व चीफ जस्टिस के अलावा जस्टिस दिलीप गुप्ता और जस्टिस यशवंत वर्मा बेंच के जज थे. व 2014 में इनके अप्वाइंटमेंट का आदेश बीएसए ने जारी किया था. जिसे  की आज उत्तरप्रदेश की इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया.   

 

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