डीजल टैक्सी बैन के विरोध में जाम, 15 टैक्सी चालक गिरफ्तार

नई दिल्ली : दिल्ली एनसीआर से लेकर गुड़गांव तक आज जबरदस्त जाम का नजारा है। ये जाम टैक्सी ऑपरेटरों द्वारा विरोध प्रदर्शन के फलस्वरुप लगाया गया है। डीजल टैक्सी पर लगाए गए बैन के खिलाफ धौला कुंआ के पास दिल्ली-गुड़गांव रोड जाम कर दी गई है। विरोध कर रहे 15 टैक्सी ड्राइवरों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। साथ ही आठ टैक्सियों को भी जब्त कर लिया गया है। गिरफ्तारी के बाद अब टैक्सी ऑपरेटर जंतर-मंतर और पंत मार्ग की ओर बढ़ने लगे है।

ऑपरेटरों ने चेतावनी दी है कि यदि एक घंटे के भीतर उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वो और भी उग्र प्रदर्शन करेंगे। भले ही इसके लिए उन्हें पुलिस के डंडे के ही क्यों न खाने पड़े। नोएडा पुलिस ने आईपीसी की धारा 341 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। कैब ऑपरेटरों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के कारण वो बेरोजगार हो गए है। उनकी रोजी-रोटी छिन गई है।

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के स्तर के मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट की विशेष पीठ ने साफ कर दिया कि वो प्राइवेट डीजल टैक्सियों को सीएनजी में परिवर्तित करने के लिए समय सीमा में विस्तार नहीं करेगा। डीजल टैक्सियों को सीएनजी में परिवर्तित करने की समय सीमा आज समाप्त हो रही है।

इसी कारण टैक्सी मालिकों ने कोर्ट में अर्जी दी कि मार्केट में डीजल गाड़ियों को सीएनजी में तब्दील करने की कोई तकनीक नहीं है। इसी पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने टैक्सी मालिकों से कहा कि पहले ही आपको काफी समय दिया जा चुका है। अब तक आपको इसके अन्य विकल्पों के बारे में सोचना चाहिए था।

अब और अधिक समय हम आपको नहीं दे सकते। बाद में आएं। एक अनुमान के अनुसार, करीब 70 हजार डीजल टैक्सियां है। रैडियो टैक्सी की भांति शहर के परमिट वाली टैक्सियों को कर में छूट दी गई है। लेकिन ओला और उबर को अपनी टैक्सियों को सीएनजी में तब्दील करवानी होगी।

इस आदेश के बाद दिल्ली के परिवहन मंत्री गोपाल राय ने भी अपने इंफोर्समेंट विभाग को 1 मई से डीजल गाड़ियों पर कार्रवाई के आधेश दे दिए। सरकार ने कहा कि जो लोग अपनी मनमानी कर रहे है, उन्हें हकीकत को समझना होगा। ऑड-इवन नियम के समापन के बाद अब दिल्ली सरकार की कोशिश है कि सभी डीजल गाड़ियों को सीएनजी में तब्दील किया जाए।

उच्चतम न्यायालय ने हरित उपकर के भुगतान पर दिल्ली पुलिस को 2000 सीसी या इससे अधिक सीसी के उसके 190 डीजल वाहनों के पंजीकरण की अनुमति दी है। हाइ कोर्ट ने दिल्ली जल बोर्ड को भी डीजल चालित पानी के उसके नए टैंकरों का परिवहन प्राधिकरण में पंजीकरण कराने की अनुमति दी है।

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