असम NRC मामले में सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई, केंद्र ने कहा- देश को रिफ्यूजी कैपिटल नहीं बना सकते

Jul 19 2019 08:20 PM
असम NRC मामले में सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई, केंद्र ने कहा- देश को रिफ्यूजी कैपिटल नहीं बना सकते

नई दिल्‍ली : असम के राष्‍ट्रीय नागरिक पंजीकरण (एनआरसी) के मुद्दे पर शुक्रवार को सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई की गई. इस दौरान केंद्र सरकार ने शीर्ष अदालत में कहा है कि एनआरसी में असम के सीमावर्ती जिलों की फेहरिस्त में लाखों बांग्लादेशियों के नाम स्थानीय अधिकारियों की मिलीभगत से गलत जोड़ दिए गए हैं. केंद्र सरकार ने अदालत से कहा है कि हम भारत को विश्व की रिफ्यूजी कैपिटल नहीं बना सकते. 

अब इस मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई को की जाएगी. अब सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता एनआरसी को-ऑर्डिनेटर की रिपोर्ट देखकर शीर्ष अदालत में जवाब दायर करेंगे. सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने कहा है कि अवैध घुसपैठियों को हर स्थिति में अपने देश वापस लौटना ही होगा. केंद्र सरकार और असम सरकार ने शीर्ष अदालत में एनआरसी का कार्यकाल बढ़ाने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि अदालत 31 जुलाई की डेडलाइन में परिवर्तन करे. एनआरसी की डेडलाइन को भविष्य में कोई तारीख दे.

सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने टिप्‍पणी की कि अगर एनआरसी कोऑर्डिनेटर के अनुसार 80 लाख नाम का वेरिफिकेशन सही तरीके से किया गया था, तो फिर सैंपल वेरिफिकेशन की क्या आवश्यकता है? सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा है कि भारत में अवैध शरणार्थियों की कोई स्थान नहीं है. हिंदुस्तान को अवैध शरणार्थियों की राजधानी में नहीं बदला जा सकता. असम एनआरसी कोऑर्डिनेटर ने भी प्रदेश में बाढ़ का हवाला देकर फाइनल मसौदा तैयार करने की समयसीमा बढ़ाने की मांग की.

गेस्ट हाउस में फिर धरने पर बैठी प्रियंका वाड्रा, सोनभद्र जाने की जिद पर अड़ी

विधानसभा चुनाव को लेकर झारखण्ड में सियासत गर्म, भाजपा-झामुमो सदस्यता अभियान में जुटी

सोनभद्र नरसंहार: पीड़ितों से मिलने जा रही थी प्रियंका, यूपी पुलिस ने हिरासत में लिया