ब्रेड पर पड़ी आफत, स्वास्थय मंत्रालय ने दिए जांच के आदेश

May 24 2016 10:40 AM
ब्रेड पर पड़ी आफत, स्वास्थय मंत्रालय ने दिए जांच के आदेश

नई दिल्ली : झटपट बनने वाले मैगी के बाद अब झटपट बनने वाले ब्रेड जैम और सैंडविच पर भी रोक लग सकती है। एक अध्ययन में कहा गया है कि रोज ब्रेड खाने वालों को कैंसर हो सकता है। इसके बाद स्वास्थय मंत्रालय ने इसके जांच के आदेश दिए है।

सेंटर फॉर साइंस एंड एन्वायरमेंट (सीएसई) ने देश में बिक रहे पॉपुलर ब्रैंड के ब्रेड, बन्स और रेडी टू ईट बर्गर-पिज्जा के 38 ब्रांड्स के सैंपल लिए। इनमें से 84 फीसदी सैंपल टेस्ट में खराब पाए गए। अध्ययन में बताया गया है कि ज्यादातर पॉपुलर ब्रांड पोटैशियम ब्रोमैटेड तथा आयोडेट टेस्ट टेस्ट में पॉजीटिव पाए गए है।

ये दोनों ही केमिकल्स 2बी कार्सिनोजेन की कैटेगरी में आते है। जिसे की कैंसर होने का खतरा है। इनसे थायरॉइड की भी समस्या हो सकती है। जिन ब्रांड के ब्रेड के नमूनों की जांच की गई उनमें ब्रिटानिया, हार्वेस्ट गोल्ड और फास्ट फूड चेन जैसे केएफसी, पिज्जा हट, डोमिनोज, सब..वे, मैकडोनाल्ड और स्लाइस आफ इटली के नमूने शामिल हैं।

ब्रिटानिया, केएफसी, डोमिनोज, मैकडोनाल्ड और सब..वे ने इससे इनकार किया कि इन रसायनों का इस्तेमाल उनके उत्पादों में किया गया। सीएसई के महानिदेशक चंद्र भूषण ने बताया कि लिए गए नमूनों में से 84 प्रतिशत में से हानिकारक पदार्थ पाए गए है। बता दें कि कई देशों में इन केमिकल्स का इस्तेमाल नहीं किया जाता।

ये ब्लैक लिस्टेड हैं। सीएसई ने फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया को सुझाव दिया है कि ब्रेड बनाने में पोटैशियम ब्रोमेट का इस्तेमाल तुरंत बंद कराया जाए। द ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स को भी इन मानकों का ख्याल रखना चाहिए।

बता दें कि पोटैशियम ब्रोमैटेड आटे जैसा पदार्थ होता है, जिसका कोई रंग नहीं होता और न ही कोई स्वाद और गंध। यह एक जहरीला पदार्थ है। यह यूरोपियन देशों के साथ कनाडा, नाइजीरिया, ब्राजील, साउथ कोरिया, पेरू समेत कई देशों में बैन है।