महज 17 वर्ष की आयु में किया क्रिकेट में डेब्यू....इंडिया का नाम रोशन कर बन गई कमेंटेटर

आज इंडियन वुमन क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान अंजुम चोपड़ा अपना 45वां जन्मदिन सेलिब्रेट कर रही है। उनका जन्म 20 मई, 1977 को दिल्ली में हुआ था। वह क्रिकेट जगत का एक जाना पहचाना नाम बन चुकी है। बाएं हाथ की सलामी बल्लेबाज अंजुम ने इंडिया के लिए 12 टेस्ट, 127 वनडे और 18 टी20  इंटरनेशनल मैच खेले, जिसमें उन्होंने क्रमश: 548, 2856 और 241 रन बनाए। उन्होंने वनडे में एक शतक और 18 अर्धशतक जमाए। 

17 साल की उम्र में किया डेब्यू: अंजुम ने 17 वर्ष की आयु में वनडे खेलकर अपने इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया था। उन्होंने फरवरी 1995 में न्यूजीलैंड के विरुद्ध पहला मुकाबला खेला था। जिसके उपरांत उन्होंने उसी साल नंबर में इंग्लैंड के विरुद्ध टेस्ट करियर का आगाज किया। बता दें कि वर्ष 2002 में अंजुम को इंडियन टीम का कप्तान बनाया गया। उनकी नेतृत्व में टीम ने पहली बार दक्षिण अफ्रीका में टेस्ट सीरीज में जीत को अपने नाम कर लिया था। वहीं, अंजुम ने अगस्त 2006 में इंग्लैंड के विरुद्ध टी20 अंतरराष्ट्रीय में कदम रखा। 

अंजुम ने किया ये अनोखा कारनाामा: अंजुम ने अपने करियर में एक ऐसा अनोखा कारनामा अंदाज भी देखने के लिए मिला है, जो क्रिकेट इतिहास में हमेशा दर्ज रहने वाला है। दअरसल, वह 100 वनडे मैच खेलने वाली पहली इंडियन वुमन क्रिकेटर हैं। उन्होंने इंडिया के लिए चार वर्ल्डकप खेले। उनकी तुलना इंग्लैंड के पूर्व सलामी बल्लेबाज डेविड गावर से की जाने लगी थी। गावर अपनी कलात्मकता बल्लेबाजी और खूबसूरत शॉट जड़ने के लिए जाने जाते थे।

क्रिकेटर से सफल कमेंटेटर बनीं: अंजुम चोपड़ा ने अपना आखिरी इंटरनेशनल मैच मार्च 2021 में खेला। वह क्रिकेट से संन्यास के उपरांत कमेंटेटर के रूप में एक सफल पारी खेलने में लगी हुई है। वह कई बड़े मौकों पर यह जिम्मेदारी निभाते हुए दिखाई दे चुकी हैं। गौरतलह है कि अंजुम को अर्जुन अवॉर्ड और पद्म श्री अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया है। उन्हें साल 2007 में अर्जुन अवॉर्ड और 2014 में पद्म श्री दिया गया।

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