सोनीपत नगर निगम चुनाव को लेकर सरकार ने लिया बड़ा फैसला

हरियाणा के सोनीपत नगर निगम का चुनाव कराने के लिए गवर्नमेंट को छह माह का वक्त और मिल गया है. नगर निगम के गठन के पश्चात गवर्नमेंट को 5 साल में चुनाव कराना था, किन्तु नहीं हो पाया. जुलाई 2020 तक चुनाव कराने की समय अवधि थी लेकिन कोरोना के कारण विलंब हो गई. इसे देखते हुए गवर्नमेंट ने विधानसभा में नगर निगम (संशोधन) विधेयक, 2020 पारित कराया है. 

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हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 की धारा 4 (4) के अनुसार नवगठित नगर निगम का पहला चुनाव गठन की तिथि से 5 साल की अवधि के अंदर किया जाना जरूरी है. इसके अनुसार नगर निगम सोनीपत का चुनाव 5 जुलाई 2020 तक करवाया जाना अपेक्षित था लेकिन कोविड-19 के कारण चुनाव नहीं करवाया जा सका. इसलिए नगर निगम के गठन की तिथि से 5 साल व छह माह के भीतर नवगठित नगर निगम का चुनाव गवर्नमेंट अब करवा सकेगी. 

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बता दे कि इस अधिनियम में अब सामाजिक, धार्मिक और धर्मार्थ प्रयोजनों के लिए सामाजिक, धार्मिक, धर्मार्थ संस्था, न्यास, सामाजिक संस्थाओं को नगर निगम की जमीन आवंटन का कोई प्रावधान नहीं है. नंदीशाला, गऊशाला तथा बेसहारा पशु प्रांगण को 5 एकड़ तक भूमि देने का प्रावधान शहरी स्थानीय विभाग की नीति में कर दिया गया है.हरियाणा की नूंह नगरपालिका को नगर परिषद का दर्जा मिलेगा. सरकार ने विधानसभा में नगरपालिका अधिनियम, 1973 को संशोधित कर हरियाणा नगरपालिका संशोधन विधेयक-2020 पारित कराकर इसका प्रावधान किया  है. नूंह को नगर परिषद का विशेष दर्जा मिलेगा, चूंकि पालिका क्षेत्र की जनसंख्या पर्याप्त नहीं है. इस वक्त हरियाणा में 22 शहर हैं, 21 जिलों में उनके कार्यालय पर नगर निगम या नगर परिषद अस्तित्व में हैं. जबकि, नूंह के जिला कार्यालय पर नगर पालिका है.

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