नियमित कर्मियों को लगा तगड़ा झटका, नहीं मिलेगा प्रमोशन

हरियाणा में 2014 में बनी नियमितीकरण नीति से पक्के हुए कर्मचारियों को प्रमोशन का लाभ नहीं मिल पाएगा. ये कर्मचारी चाइल्ड केयर लीव, लीव ट्रेवल कंसेशन, वार्षिक इंक्रीमेंट व चिल्ड्रेन शिक्षा भत्ते के पात्र हैं. मुख्य सचिव कार्यालय ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्त, डीसी, सभी यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार व बोर्ड, निगम, सरकारी उपक्रमों के प्रबंध निदेशकों, मुख्य प्रशासकों को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं.

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आपकी जानकारी के लिए बता दे कि मुख्य सचिव कार्यालय ने स्पष्ट कर दिया है कि इन कर्मचारियों को पदोन्नति सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन होगी. 26 नवंबर 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए थे. इसलिए पदोन्नति पर रोक है. कर्मचारियों की पदोन्नति का फैसला सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों पर निर्भर करेगा. पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की डबल बेंच ने 2014 में बनी नियमितीकरण नीति को 31 मई 2018 को रद्द कर दिया था. सरकार इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, तब 26 नवंबर 2018 को यथास्थिति बनाए रखने के आदेश हुए थे.

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इसके अलावा हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने टीजीटी (साइंस) को ज्वाइनिंग की अनुमति दे दी है. इनकी चयनित सूची की अवधि 2 नवंबर 2019 को खत्म हो गई थी. उम्मीदवार मेवात कैडर में ज्वाइन कर सकेंगे. राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के बावजूद हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग व हरियाणा लोक सेवा आयोग के चयनित उम्मीदवारों को ज्वाइनिंग करने का अवसर पहले भी प्रदान किया गया है. इस फैसले से बड़ी संख्या में नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे चयनित उम्मीदवारों को सरकारी सेवा करने का मौका मिलेगा.

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