मानवाधिकार केवल आतंकियों के लिए, सेना के जवान महत्वपूर्ण नहीं हैं क्या

नई दिल्ली : मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में सिमी आतंकियों के कथित तौर पर जेल तोड़करं भागने और उनके मारे जाने के बाद उठ रहे विवाद को लेकर केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन ने कहा है कि क्या मानवाधिकार केवल आतंकियों के लिए है। सेना के वे वीर जवान महत्वपूर्ण नहीं हैं जो अपनी जान की बाजी लगाते हैं। उन्होंने विपक्षी दलों और बुद्धिजीवियों के एक वर्ग से इस मामले में सवाल किए।

केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन ने इस मामले में एक ट्विट करते हुए लिखा कि अफजल गुरू, याकूब, इशरत जहां, बुरहान वानी, बटला हाउस एनकाउंटर मामले के लिए जब वे रोते हैं और छाती पीटते हैं तो मानवाधिकार आतंकियों के लिए ही है। सैनिकों का जीवन महत्वपूर्ण नहीं है क्या।

गौरतलब है कि भोपाल में सिमी के कथित आतंकवादियों के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद राजनीतिक दलों ने इस मुठभेड़ की जांच किए जाने की मांग की थी। इन 8 आतंकियों ने भोपाल की जेल की दीवार फांद ली थी और भाग निकले थे। इसके बाद इन्हें ग्रामीण क्षेत्र में मार दिया गया था। इन आतंकियों में से 2 आतंकी कुछ साल पहले खंडवा जेल से फरार हो गए थे, जिन्हें बाद में पकड़ लिया गया था।

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